दक्षिण अफ्रीका की टीम के खिलाड़ियों को इंग्‍लैंड की टीम रणनीति की निजी सूचना देने के आरोप में टीम से बाहर किए गए केविन पीटरसन (Kevin Pietersen) को लेकर पूर्व कप्‍तान माइकल वॉन (Michael Vaughan) ने बड़ा बयान दिया है. उनका कहना है कि पीटरसन को 2012 में फिर से टीम में नहीं लिया जाना चाहिए था.

केविन पीटरसन को इंग्‍लैंड के बड़े खिलाड़ी के तौर पर जाना जाता है लेकिन बाद में उनका अपने ही बोर्ड से विवाद हो गया था. फिर उन्‍हें कभी टीम में मौका नहीं दिया गया.

पीटरसन (Kevin Pietersen) पर आरोप लगे थे कि उन्होंने एक टेस्ट मैच के दौरान विरोधी टीम को अपने कप्तान एंड्रयू स्ट्रास के बारे में गलत संदेश भेजे थे. पीटरसन पर दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ 2012 की सीरीज के बीच में विरोधी टीम के खिलाड़ियों को स्ट्रास के खिलाफ संदेश भेजने का आरोप लगा था.

केविन पीटरसन (Kevin Pietersen) मूल रूप से दक्षिण अफ्रीकी के ही रहने वाले हैं. बाद में वो इंग्‍लैंड में रहने लगे थे. पीटरसन ने तेज गेंदबाज मोर्ने मोर्कल को स्ट्रास को आउट करने के लिये टिप्स दिये थे.

फॉक्सस्पोर्ट्स.काम.एयू से बातचीत के दौरान माइकल वॉन (Michael Vaughan) ने कहा, ‘‘मैंने कभी इसमें शत प्रतिशत स्पष्टीकरण नहीं देखा लेकिन अगर उसने ऐसा किया तो मेरी निजी राय है कि उसके बाद उसे कभी इंग्लैंड की तरफ से नहीं खेलना चाहिए था.’’

उन्होंने कहा, ‘‘अगर इंग्लैंड के एक खिलाड़ी के लिये यह मायने नहीं रखता कि वह कौन है और उसे विरोधी अंतरराष्ट्रीय टीम को यह संदेश भेजते हुए पाया जाता है कि उनके खुद के साथी खिलाड़ी को कैसे आउट करना है तो मुझे लगता है कि उसे फिर से इंग्लैंड की तरफ से नहीं खेलना चाहिए.’’

पीटरसन (Kevin Pietersen) को दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ लार्ड्स टेस्ट के लिये टीम में नहीं चुना गया लेकिन उन्होंने 2012 के भारतीय दौरे के लिये टीम में वापसी की. उन्होंने इस प्रकरण के बाद 2014 में संन्यास लेने से पहले 16 और टेस्ट मैच खेले थे. उन्होंने कुल 104 टेस्ट मैचों में 8181 रन बनाये.