Khaleel Ahmed wants to become an asset for Team India just like Zaheer Khan

क्रिकेट के इतिहास में बाएं हाथ के तेज गेंदबाजों की भूमिका हमेशा मैच विनर की रही है। चाहे वो वेस्टइंडीज के सर गारफील्ड सोबर्स हों, पाकिस्तान के वसीम अकरम या ऑस्ट्रेलिया के मिचेल जॉनसन। बाएं हाथ के पेसर्स ने हर फॉर्मेट में अपनी छाप छोड़ी है।

भारतीय टीम में भी खई कई बाएं हाथ के तेज गेंदबाज आए लेकिन जहीर खान की पहचान अलग थी। आईसीसी विश्व कप 2003 और 2011 में वो भारत के लिए सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाज थे। अब टीम इंडिया के 21 साल के युवा लेफ्ट आर्म पेसर खलील अहमद भी इस पूर्व क्रिकेटर के नक्शे कदमों पर चलना चाहते हैं।

टाइम्स ऑफ इंडिया को दिए इंटरव्यू में खलील ने कहा, “मैं अपने देश के लिए उतना लंबा खेलने चाहता हूं जितना की जहीर भाई खेले। मैं उन्हीं की तरह अपनी टीम की सेवा करना चाहता हूं। जब जहीर भाई ने भारत के लिए खेलना शुरू किया था, तब काफी उत्साह हुआ करता था। मैं अपने खेल को उनके स्तर तक ले जाना चाहता हूं। मैं भी उनकी तरह टीम का प्रमुख हथियार बनना चाहता हूं।”

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खलील ये भी बताया कि जब कि उन्हें कोई परेशानी होती है या अपने खेल को लेकर पूछना होता है तो वो जहीर को फोन करते हैं। उन्होंने कहा, “जब भी मेरे मन में कोई शक आता है मैं उन्हें कॉल कर देता हैं, वो हमेशा मदद को तैयार रहते हैं।”

खलील ने आगे कहा, “टीम इंडिया ने मुझे तीन स्टार (आईसीसी ट्रॉफी) वाली जर्सी दी है और मैं अपने चयन को सही साबित करना चाहता हूं। मैं पसीने, बलिदान, कड़ी मेहनत और दृढ़ निश्चय से अपने देश की सेवा करना चाहता हूं।”