पूर्व क्रिकेटर गौतम गंभीर ने हाल ही में दिए एक बयान में कहा था कि ऐसे ही बहुत कम खिलाड़ी होते हैं जो टीम के लिए हित के लिए अपनी जगह छोड़ दें। हालांकि भारतीय टीम के पूर्व कप्तान और दिग्गज बल्लेबाज राहुल द्रविड़ का पूरा करियर इस बात का गवाह है कि उन्होंने हमेशा खुद से पहले टीम के बारे में सोचा हैं।

राहुल ने ना केवल टीम इंडिया के अलग अलग बल्लेबाजी क्रम में खेलकर दिखाया बल्कि जरूरत पड़ने पर वो टीम के लिए विकेटकीपिंग करने को भी तैयार है गए। मौजूदा भारतीय टीम में केएल राहुल भी कुछ ऐसा ही काम कर रहे हैं।

सलामी बल्लेबाजी के साथ करियर की शुरुआत करने वाले राहुल ने भारत के लिए नंबर तीन, नंबर चार और अब तो नंबर पांच पर भी बल्लेबाजी कर दिखाई है। वहीं रिषभ पंत के चोटिल होने की वजह से ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ वनडे सीरीज में वो विकेटकीपर की जिम्मेदारियां भी निभा रहे हैं। ऐसे में फैंस का उनकी तुलना द्रविड़ से करना स्वाभाविक है। राहुल भी इस बात को समझते हैं। उनका कहना है कि भारतीय क्रिकेट के इस पूर्व दिग्गज से तुलना किया जाना उनके लिए बड़े सम्मान की बात है।

कोहली, स्मिथ, डिविलियर्स और विलियमसन की बल्लेबाजी देखकर की मध्यक्रम में खेलने की तैयारी: केएल राहुल

राजकोट वनडे के बाद मीडिया के सामने आए राहुल ने कहा, “ये तुलना स्वाभाविक है और काफी लंबे समय से हो रही है, जब से मैंने क्रिकेट खेलना शुरू किया है। हमारे नाम एक जैसे हैं, वो राहुल द्रविड़ हैं, मैं राहुल। वो ऐसे शख्स हैं, जिनके साथ मैंने अपने खेल के बारे में बात करते हुए काफी समय गुजारा है।”

उन्होंने आगे कहा, “वो मेरे ही राज्य (कर्नाटक) से हैं, तो मेरे पास हमेशा ये सुविधा रही थी कि मैं जब चाहें उनसे मिलने जा सकता हूं, उन्हें कॉल कर क्रिकेट के बारे में बात कर सकता हूं। उन्होंने हमेशा ही मेरा स्वागत किया है। उनसे तुलना किए जाना सम्मान की बात है।”