×

IND vs SA: W,1,W- मार्को यानसन ने टीम इंडिया को फंसा दिया था, कुलदीप यादव ने 3 गेंद में पलट दिया मैच

भारतीय टीम इस वक्त मुश्किल में आ गई थी. जब मार्को यानसन धमाकेदार बल्लेबाजी कर रहे थे. इस वक्त पर कुलदीप की उंगली का जादू चला.

user-circle cricketcountry.com Written by Bharat Malhotra
Last Updated on - November 30, 2025 9:27 PM IST

Kuldeep Yadav 2 Wickets in One Over: कुलदीप यादव ने अपने एक ही ओवर में दो विकेट लेकर भारत को मैच में वापसी करवाई. बाएं हाथ के इस कलाई के स्पिनर ने रांची में साउथ अफ्रीका के खिलाफ सीरीज के पहले वनडे में आक्रामक होकर खेल रहे मार्को यानसन और मैथ्यू बित्जके को फिरकी के जाल में फंसाया. और यहीं से मैच पलट गया.

रांची वनडे में भारत के 349 रन के जवाब में साउथ अफ्रीका ने 11 रन पर तीन विकेट खो दिए थे. ऐसा लग रहा था कि मुकाबला भारत की झोली में आ गया है. और जब 77 के स्कोर पर टोनी डी जोर्जी आउट हुए तब ऐसा लगने लगा कि अब तो भारत की जीत महज औपचारिकता है. लेकिन साउथ अफ्रीका ने कोशिश जारी रखी. मैथ्यू ब्रित्जके ने डेवाल्ड ब्रेविस ने मिलकर 6.4 ओवर में 53 रन बनाकर भारतीय बल्लेबाजों को परेशानी में रखा. ब्रेविस को आउट कर भारत ने थोड़ी राहत ली. लेकिन मार्को यानसन ने भारतीय गेंदबाजों को तंग करना शुरू कर दिया.

ब्रित्जके और यानसन ने भारतीय खेमे में हलचल पैदा कर दी. साउथ अफ्रीका को लगने लगा कि वह अब मैच का रुख पलट सकता है. ऐसा होने भी लगा था. यानसन ने सिर्फ 26 गेंद पर अपनी हाफ सेंचुरी पूरी की. वहीं ब्रित्जके इस साझेदारी में थोड़ा ठहराव के साथ खेल रहे थे. इन दोनों ने सिर्फ 69 गेंदों पर 97 रन की साझेदारी कर दी. यानसन बहुत अधिक आक्रामक होकर खेल रहे थे. मैच भारत के हाथों से निकलता जा रहा था. लेकिन तभी कुलदीप यादव ने अपनी फिरकी का जादू चलाया.

कुलदीप ने मैच के 34वें ओवर की पहली गेंद पर मार्को यानसन को आउट किया. गेंद शॉर्ट पिच थी और लंबे कद के यानसन ने उसे पुल कर मैदान से बाहर भेजना चाहा. यानसन शॉट में थोड़ा जल्दी कर गए. भारत को इस किस्मत की जरूरत थी. यानसन गेंद को बुरी तरह मिस-टाइम किया. उन्होंने महज 39 गेंद पर 70 रन बनाए. यानसन ने 8 चौके और तीन छक्के लगाए. 227 रन पर साउथ अफ्रीका ने अपना छठा विकेट खोया. अब साउथ अफ्रीका को 101 गेंद पर 123 रन चाहिए थे.

TRENDING NOW

कुलदीप ने कैसे बिछाया फिरकी का जाल

और कुलदीप ने एक बार जादू दिखाया. उसी ओवर में एक और विकेट. और वह भी खतरनाक बित्जके का. मार्को यानसन के साथ साझेदारी में बित्जके चुपचाप अपनी भूमिका निभा रहे थे. यानसन के आउट होते ही उन्होंने बड़े शॉट खेलने की जिम्मेदारी खुद पर ली. हालांकि, वह थोड़ा सब्र कर सकते थे. उन्होंने गेंद को लॉन्ग ऑन के ऊपर से मारना चाहते थे. लेकिन गेंद उनके काफी करीब थी. बित्जके को हाथ खोलने का मौका नहीं मिला. वह 80 गेंद पर 72 रन बनाकर आउट हुए. अब साउथ अफ्रीका को 99 गेंद पर 122 रन चाहिए थे.