Kuldeep Yadav not worried despite omission from India’s T20I squads
Kuldeep Yadav @PTI (file image)

भारत की पिछली दो टी-20 अंतरराष्ट्रीय सीरीज से बाहर रहने से कुलदीप यादव परेशान नहीं हैं क्योंकि उनका मानना है कि यह उनके लिए पांच दिवसीय क्रिकेट में अच्छा करने का मौका है।

पढ़ें: ECB के सेंट्रल कॉन्ट्रेक्ट में शामिल हुए तेज गेंदबाज जोफ्रा आर्चर

कुलदीप को वेस्टइंडीज दौरे और फिर दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ घरेलू सीरीज के लिए टी-20 टीम में जगह नहीं दी गई थी लेकिन इससे उनका मनोबल नहीं गिरा है।

कुलदीप ने पत्रकारों से कहा, ‘अब तक मैंने सीमित ओवरों के प्रारूप में अच्छा प्रदर्शन किया है। मैं सफेद गेंद से गेंदबाजी करते हुए काफी सहज महसूस करता हूं।’

‘मैं पिछली दो टी-20 सीरीज के लिए नहीं चुने जाने से चिंतित नहीं हूं’

उन्होंने कहा, ‘मैं पिछली दो टी-20 सीरीज के लिए नहीं चुने जाने से चिंतित नहीं हूं। हो सकता है कि चयनकर्ताओं को लगता हो कि मुझे विश्राम की जरूरत है। हो सकता है कि टीम को कुछ बदलावों की जरूरत लगती हो। मैं इसका सम्मान करता हूं और मेरी कोई शिकायत नहीं है। मैं इसे टेस्ट मैचों में अच्छा प्रदर्शन करने के मौके के तौर पर देखता हूं।’

पढ़ें: प्रियांक पांचाल ने जड़ा शतक, ड्रॉ हुआ दूसरा मैच

कुलदीप भारत ए टीम का हिस्सा थे जिसने शुक्रवार को मैसुरु में दक्षिण अफ्रीका ए के खिलाफ दूसरा अनधिकृत टेस्ट मैच ड्रॉ खेला। उन्होंने दक्षिण अफ्रीका की एकमात्र पारी में 29 ओवरों में 121 रन देकर चार विकेट लिए। उनका मानना है कि अभी क्रिकेट जगत में कलाई के स्पिनरों का दबदबा है।

‘अभी विश्व क्रिकेट में कलाई के स्पिनरों का दबदबा है’

उन्होंने कहा, ‘इसमें कोई संदेह नहीं कि अभी विश्व क्रिकेट में कलाई के स्पिनरों का दबदबा है। लेकिन कई बार जब आप रनों पर अंकुश लगाने की कोशिश करते हो तो असल में आप खर्चीले साबित हो जाते हो। हमें सटीक गेंदबाजी करनी होगी और इस पर काम करने की जरूरत है।’

कुलदीप को हालांकि लगता है कि लगातार सीमित ओवरों में खेलने के बाद लाल गेंद से सामंजस्य बिठाना मुश्किल होता है।

उन्होंने कहा, ‘जब आप लंबी अवधि के प्रारूप में नियमित तौर पर नहीं खेलते तो लाल गेंद से सामंजस्य बिठाना मुश्किल होता है। अगर आप इस प्रारूप में नियमित तौर पर नहीं खेलते हो तो लय हासिल करने में थोड़ा समय लगता है। जब आप लगतार सीमित ओवरों के मैच खेल रहे हों और अचानक आपको बिना खास तैयारी के टेस्ट मैच खेलना पड़े तो फिर अच्छा प्रदर्शन करना मुश्किल होता है।’