Kuldeep Yadav: Winning ICC World Cup 2019 is my dream
Kuldeep Yadav (IANS)

2017 में अंतर्राष्ट्रीय डेब्यू करने वाले 24 साल के कुलदीप यादव अपना पहला वनडे विश्व कप खेलने के करीब है। हालांकि विश्व कप के लिए इंग्लैंड जाने वाला भारतीय स्क्वाड पूरी तरह निश्चित नहीं है लेकिन मिस्ट्री स्पिनर कुलदीप यादव का नाम लगभग तय है। कुलदीप ने भी माना कि हर क्रिकेटर की तरह देश के लिए विश्व कप जीतना उनका सपना है।

इंडियन एक्सप्रेस से बातचीत में कुलदीप ने कहा, “ईमानदारी से कहूं तो मैं अभी अपने सपने को जी रहा हूं। मैंने कभी सपने में भी नहीं सोचा था कि मैं विश्व कप स्क्वाड का हिस्सा बनूंगा। अगर भारत विश्व कप जीतता है तो ये मेरे करियर का सबसे बड़ा पल होगा। मुझे पता नहीं कि मैं इसका जश्न कैसे मनाउंगा। पूरा देश चाहता है कि हम जीतें और अगर मैं अपने देश के लिए ये कर पाता हूं तो फिर मुझे एहसास होगा कि मैंने देश के लिए बड़ा योगदान दिया है। ये मेरा सपना है।”

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कुलदीप पहले भी इंग्लैंड की जमीन पर खेल चुके हैं लेकिन विश्व कप खेलना किसी बाईलैटरल सीरीज से अलग होगा। अपनी तैयारी के बारे में उन्होंने कहा, “विश्व कप का दबाव तो रहेगा और वो सभी खिलाड़ियों के लिए रहेगा, इससे प्रदर्शन में मदद मिलती है। वनडे में हालात मायने नहीं रखते। मैं अभी इस बारे में इतना नहीं सोच रहा हूं। अभी समय है और मैं कुछ नया करने में विश्वास नहीं करता हूं। अगर आप मिस्ट्री की बात कर रहे हैं तो वो ऐसी चीज है जिसपर मैं विश्वास नहीं करता।”

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कुलदीप ने हाल में न्यूजीलैंड में खेली गई वनडे सीरीज में भारत की जीत में बड़ी भूमिका निभाई थी। कुलदीप ने विदेशी हालातों में भी शानदार गेंदबाजी की और दो चार विकेट हॉल दर्ज किए। न्यूजीलैंड की पिचों पर गेंदबाजी के बारे में कुलदीप ने कहा, “मैंने जो भी मैच खेलें, उनमें हवा में बड़ी भूमिका अदा की। गेंद के खिलाफ गेंदबाजी करना मुश्किल होता है क्योंकि कभी कभी गेंद तेज जाती है और कभी धीमी इसलिए नियंत्रण करना मुश्किल होता है। लेकिन मैंने इसका सही इस्तेमाल करने की कोशिश की और ड्रिफ्ट को खेल में लाया और बल्लेबाज को चकमा दिया। कोण और बाकी चीजों का इस्तेमाल करने पर ज्यादा ध्यान दिया। हालांकि, जब गेंद दूसरी दिशा से चल रही होती तो आपको फिर से बदलाव करने होते हैं।”

सपाट विकेट पर भी विकेट लेने में माहिर हैं कुलदीप

वनडे में पिच और हालातों को ज्यादा महत्व ना देने वाले रिस्ट स्पिनर ने कहा, “मैं छोटे मैदान को लेकर कभी परेशान नहीं होता क्योंकि मैं हमेशा गेंद को घुमाने की कोशिश करता हूं। एक कहावत है ‘कितना भी पाटा विकेट क्यों ना हो, जितना हवा में डालोगे बल्लेबाज उतना फंसेगा’। अगर आप सपाट विकेट पर तेज डालोगे तो बल्लेबाज के लिए हिट करना आसान हो जाएगा। इसलिए मैं हमेशा ये चीजें याद रखता हूं और उन्हें लूप देता रहता हूं। बल्लेबाज को रोक के रखना मेरा लक्ष्य नहीं है। अगर बल्लेबाज छक्का मारता है तो मुझे खुशी होती है क्योंकि इससे हमेशा ही विकेट मिलने की संभावना रहती है। गेंद को घुमाना और बल्लेबाज को हवा में ही चकमा देना मेरी ताकत है और मैं इसी पर कायम रहना चाहता हूं।”