केवल 25 साल की उम्र में भारत के लिए वनडे में दो हैट्रिक लेने वाले पहले गेंदबाज बनने का अनुभव कैसा होता है ये बयान करना किसी के लिए भी मुश्किल होगा, कुलदीप यादव (Kuldeep Yadav) भी इससे अलग नहीं। इस भारतीय रिस्ट स्पिनर ने वेस्टइंडीज के खिलाफ दूसरे वनडे मैच में हैट्रिक लेकर ना केवल भारत को मैच में शानदार वापसी कराई बल्कि क्रिकेट के इतिहास में अपना नाम लसिथ मलिंगा (Laith Malinga), वसीम अकरम (Wasim Akram), सकलैन मुश्ताक (Saqlain Mushtaq), चामिंडा वास (Chaminda Vas) और ट्रेंट बोल्ट (Trent Boult) जैसे दिग्गजों के साथ जोड़ लिया।

मैच के बाद कुलदीप ने जब इस हैट्रिक के बारे में पूछा गया तो इस गेंदबाज ने कहा, “मेरे लिए आज का दिन एक दम सही रहा। मैंने वनडे में दूसरी बार हैट्रिक ली। मैं इस अनुभव को शब्दों में बयान नहीं कर सकता। मैं बेहद खुश हूं।”

खराब आईपीएल सीजन के बाद टीम से अंदर-बाहर चल रहे कुलदीप को ये हैट्रिक काफी आत्मविश्वास देगी। इस पर चाइनमैन गेंदबाज ने कहा, “मेरे लिए ये छह-आठ महीने मुश्किल रहे थे। मैं काफी मेहनत कर रहा था। चार-पांच महीनों से मैं संघर्ष कर रहा था, लेकिन अब मैं अच्छी गेंदबाजी कर रहा हूं, अच्छी गति से और अच्छी वैरिएशन से। इसलिए ये मेरे लिए काफी संतोषजनक बात है।”

INDvWI: इंटरनेशनल क्रिकेट में दूसरी बार हैट्रिक लेने वाले पहले भारतीय बने कुलदीप यादव

388 के विशाल लक्ष्य को बचाने के लिए गेंदबाजी करते समय अपनी योजना के बारे में कुलदीप ने कहा, “ज्यादा ओस नहीं थी और हम जानते थे कि वे आक्रामकता के साथ खेलेंगे। मेरी कोशिश सिर्फ अपनी गति और विविधता में मिश्रण करने की थी।”

कुलदीप ने वाइजैग वनडे में 10 ओवर में 52 रन देकर तीन विकेट हासिल किए और भारत ने 102 रन से ये मैच जीतकर सीरीज में 1-1 से बराबरी कर ली।