श्रीलंका के पूर्व क्रिकेट कप्तान कुमार संगकारा (Kumar Sangakkara) ने ‘ब्लैक लाइव्स मैटर’ आंदोलन के संबंध में विश्व को एक कड़ा संदेश दिया है। मई में अमेरिका के मिनोपोलिस शहर में अश्वेत नागरिक जॉर्ज फ्लॉयड की पुलिस हिरासत में हुई मौत के बाद खिलाड़ी भी नस्लवाद पर बोलने लगे हैं। यहां तक कि क्रिकेट भी इससे अछूटा नहीं है क्योंकि पिछले कुछ समय से इस मामले पर कई खिलाड़ी बोलने लगे हैं।

इसके अलावा, इंग्लैंड और वेस्टइंडीज के क्रिकेटरों के साथ-साथ उनकी शर्ट के कॉलर पर भी लोगो के खेल में ब्लैक लाइव्स मैटर अभियान शुरू हो गया है। संगकारा ने कहा कि नस्लवाद के खिलाफ शिक्षा सबसे महत्वपूर्ण हथियार है। उन्होंने आगे कहा कि बच्चों को वास्तविक इतिहास के बारे में बताना चाहिए। उन्होंने ये भी कहा कि बदलाव तुरंत होने वाला नहीं है, लेकिन ये एक लंबी लड़ाई है और पूरी दुनिया को इसमें भाग लेना होगा।

संगकारा ने क्रिकबज से कहा, “अगर अप ब्लैक लाइव्स मैटर की बात करते हैं, अगर आप दुनिया में नस्लवाद और भेदभाव की बात करते हैं, तो मुझे लगता है कि सबसे महत्वपूर्ण चीजों में से एक है कि हमें अपने बच्चों को इतिहास पढ़ाना है। ये होना चाहिए, ना कि इसका सैनिटाइज वर्जन। एक बार जब हम ये समझ लेंगे कि वास्तविक इतिहास क्या है, तो हम अपनी सोच में बदलाव ला पाएंगे।”

उन्होंने कहा, ” हम सभी को अपने देश से प्यार करना सिखाया जाता है, लेकिन कभी-कभी हम आंख बंद करके उसका पालन करते हैं और अन्य संस्कृतियों की सराहना करने से रुक जाते हैं। बदलाव रातोंरात नहीं होगा ये उस महीने की तरह नहीं है, जहां आप इसका विरोध करते हैं और इसे भूल जाते हैं। ये दुनिया में सभी को शामिल करने वाली एक धीमी और थकाऊ प्रक्रिया है।”