लक्ष्मीपति बालाजी © Getty Images
लक्ष्मीपति बालाजी © Getty Images

लक्ष्मीपति बालाजी के प्रशंसकों के लिए अच्छी खबर है। बालाजी अब आईपीएल में फिर से जलवा दिखाते नजर आएंगे, लेकिन इस बार उनकी भूमिका थोड़ी अलग होगी। इस बार वह गेंद से बल्लेबाजों के विकेट नहीं चटकाएंगे बल्कि गेंदबाजों को गुरु मंत्र देते नजर आएंगे। जी हां, बालाजी को कोलकाता नाइट राइडर्स ने अपनी टीम का गेंदबाजी कोच नियुक्त किया है। बालाजी साल 2016 में प्रथम श्रेणी क्रिकेट से संन्यास ले चुके हैं।

बालाजी साल 2011 से 2013 तक कोलकाता की टीम के मुख्य तेज गेंदबाज रहे और साल 2012 में कोलकाता को खिताब दिलाने में भी अहम भूमिका निभाई थी। बालाजी के गेंदबाजी कोच के बनने की घोषणा के दौरान कोलकाता नाइट राइडर्स के सीईओ ने कहा कि बालाजी का कोलकाता नाइट राइडर्स परिवार में एक बार फिर से स्वागत है। साल 2011 से 2013 के बीच बालाजी हमारी टीम के मुख्य सदस्य रहे और 2012 में उन्होंने हमारी जीत में भी अहम भूमिका निभाई। कोलकाता की तरफ से नई जिम्मेदारी मिलने पर बालाजी ने कहा कि कोलकाता की तरफ से खेलते हुए मेरा अनुभव शानदार रहा है और मैं कोलकाता के साथ फिर से जुड़ने को लेकर काफी उत्साहित हूं। आपको बता दें हाल ही में वसीम अकरम ने पेशेवर प्रतिबद्धताओं और समय की कमी के कारण कोलकाता नाइट राइडर्स से हटने का फैसला किया था। इतिहास के पन्नों से: जब भारतीय टीम ने आखिरी ओवर में 17 रन बनाकर हारे हुए मैच को करा लिया था टाई

साथ ही रणजी ट्रॉफी में तमिलनाडू बनाम मुंबई मुकाबले में जल्दी-जल्दी गेंदों को बदलने को लेकर बालाजी ने हैरानी जताई। इस मुकाबले में पहले दो ही सत्र में तीन बार गेंदों को बदला गया। इसपर बालाजी ने कहा कि ऐसा करने से गेंदबाज और बल्लेबाज दोनों हो समस्या का सामना करना पड़ता है और इस मुद्दे को गंभीरता से लेने की आवश्यकता है। तमिलनाडू ने पहले दिन का खेल खत्म होने तक 6 विकेट के नुकसान पर 261 रन बना लिए थे।