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'पुजारा को टीम इंडिया से बाहर करना सही फैसला', सरफराज खान को लेकर पूर्व क्रिकेटर का बड़ा बयान

रुतुराज गायकवाड़ और यशस्वी जयसवाल को घरेलू क्रिकेट और इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) में उनके लगातार अच्छे प्रदर्शन के लिए टेस्ट टीम में पहली बार जगह दी है.

PUJARA

@BCCI

पूर्व भारतीय क्रिकेटर लालचंद राजपूत ने कहा कि वेस्टइंडीज दौरे के लिए बल्लेबाज चेतेश्वर पुजारा को टेस्ट टीम से बाहर करना एक “सकारात्मक कदम” है क्योंकि इसका उद्देश्य 2023-25 तक अगले आईसीसी वर्ल्ड टेस्ट चैम्पियनशिप चक्र के लिए युवाओं को तैयार करना है.

12 जुलाई से शुरू होने वाले वेस्टइंडीज दौरे के लिए पुजारा को भारतीय टेस्ट टीम से बाहर कर दिया गया था. ऐसा तब हुआ जब 100 से अधिक टेस्ट खेलने वाला यह अनुभवी खिलाड़ी ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ डब्ल्यूटीसी फाइनल में अच्छा प्रदर्शन करने में विफल रहा. रुतुराज गायकवाड़ और यशस्वी जयसवाल को घरेलू क्रिकेट और इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) में उनके लगातार अच्छे प्रदर्शन के लिए टेस्ट टीम में पहली बार जगह दी है.

राजपूत ने एएनआई के साथ बातचीत में कहा, “यह एक सकारात्मक कदम है. हमें अगले डब्ल्यूटीसी चक्र के लिए तैयारी करनी होगी. आपको युवाओं को धीरे-धीरे लाना होगा। आपको उन्हें तैयार करना होगा, उन्हें अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट की कठिनाइयों में शामिल करना होगा. उम्मीद है, अधिक युवा खिलाड़ियों को मौका दिया जाएगा. यह आपकी बेंच स्ट्रेंथ को बढ़ाने में मदद करेगा. ”

मुंबई के स्टार सरफराज खान को टीम इंडिया में शामिल नहीं किए जाने पर राजपूत ने कहा कि रणजी ट्रॉफी का प्रदर्शन एक खिलाड़ी के लिए उच्चतम स्तर पर लंबे प्रारूप में खेलने के लिए अनुभव और विशेषज्ञता हासिल करने का आधार है. उन्होंने कहा, “अगर वह रन बना रहा है लेकिन तीन साल बाद भी उसे मौके नहीं मिल रहे हैं, तो कुछ कारण होगा. मुझे नहीं पता कि कारण क्या है. लेकिन उसे मौका दिया जाना चाहिए था. ”

सरफराज खान पिछले कुछ सीजन से अपने प्रथम श्रेणी क्रिकेट में शानदार प्रदर्शन कर रहे हैं. दाएं हाथ के इस खिलाड़ी ने 37 प्रथम श्रेणी मैचों में 79.65 की शानदार औसत और 13 शतकों के साथ 3505 रन बनाए हैं. घरेलू क्रिकेट में उनका सर्वोच्च स्कोर 301* रन है. 2022-23 रणजी ट्रॉफी सीज़न में सरफराज ने 92.66 की शानदार औसत से 556 रन बनाए. उन्होंने 6 मैचों में तीन शतक भी लगाए.

मुंबई का बल्लेबाज रणजी ट्रॉफी 2021-2022 में टॉप रन-स्कोरर भी रहे, जिसने छह टेस्ट में 122.75 की औसत के साथ 982 रन बनाए. उस सीजन उनके नाम चार शतक थे. 2019-2020 में, वह रणजी ट्रॉफी में शीर्ष पांच रन बनाने वालों बल्लेबाजों में शामिल थे. उन्होंने 6 मैचों में 154.66 की औसत से 928 रन बनाए थे, जिसमें तीन शतक और 301* रन की करियर की सर्वश्रेष्ठ पारी शामिल थी.

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