आखिरी गेंद, थमीं हुईं सांसें और लसिथ मलिंगा की सलाह... श्रीलंका ने ऐसे रच दिया इतिहास
श्रीलंका वह करने के मुहाने पर थी जो 30 साल से नहीं हुआ था। 1992 का साल था तब श्रीलंका ने आखिरी बार ऑस्ट्रेलिया को वनडे सीरीज में मात दी थी। मंगलवार को दासुन शनाका की टीम ने ऐसा कर दिखाया।
Written by Bharat Malhotra Last Published on - June 22, 2022 1:47 PM IST
कोलंबो: श्रीलंका वह करने के मुहाने पर थी जो 30 साल से नहीं हुआ था। 1992 का साल था तब श्रीलंका ने आखिरी बार ऑस्ट्रेलिया को वनडे सीरीज में मात दी थी। मंगलवार को दासुन शनाका की टीम ने ऐसा कर दिखाया। इस मैच में आखिरी ओवर तक रोमांच कायम रहा। 259 का लक्ष्य हासिल करने के लिए ऑस्ट्रेलिया को आखिरी ओवर में 19 रन की दरकार थी। क्रीज पर आखिरी जोड़ी मौजूद थी। और फिर शुरू हुआ उतार-चढ़ाव का खेल…
दासुन शनाका आखिरी ओवर फेंकने आए। मैथ्यू कुहनेमन पहली गेंद पर कोई रन नहीं बना पाए। लेकिन अगली गेंद पर उन्होंने चौका लगाया। तीसरी गेंद पर दो रन बने। और अगली दो गेंदों पर लगातार दो चौके लगे।
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अब मैच आखिरी गेंद पर पांच रन की जरूरत थी। आखिरी गेंद से पहले खूब चर्चा होने लगी। छह रन ऑस्ट्रेलिया को जीत दिला सकते थे। आखिरी गेंद से पहले श्रीलंकाई खिलाड़ियों काफी गंभीर नजर आ रहे थे। कप्तान काफी कुछ समझा रहे थे। कैसी गेंद फेंकी जाए इस पर चर्चा थी। आखिर सीरीज जीतने का मौका था।
क्या गेंद यॉर्कर होगी या फिर स्लोअर। ऐसे में बाउंड्री लाइन के पार एक ऐसा शख्स खड़ा था जिसने अपने करियर में कई बार ऐसी परिस्थितियों का सामना किया था। वह जिसे यॉर्कर का महारथी माना जाता था। वह शख्स जिसके पास ऐसी स्लो गेंद थी कि बल्लेबाज समझने की तमाम कोशिशें करने के बाद भी समझ नहीं पाता। वहां से भी निर्देश आया और फिर रणनीति तय हो गई। स्क्वेअर लेग को ऊपर बुलाया गया। फाइन लेग पीछे। सब लोग सांसें थामकर उस गेंद का इंतजार करने लगे।
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शनाका रन-अप के दौड़े। साथ ही दौड़ने लगीं धड़कनें भी। शनाका ने खुद पर काबू रखा। हार्ड लेंथ पर एक स्लो गेंद। कुहनेमनन ने शॉट खेला। पर बहुत ही ज्यादा जल्दबाजी कर गए। उन्हें उम्मीद पर थी गेंद में रफ्तार होगी। मगर ऐसा नहीं हुआ। उन्होंने गेंद को इनफील्ड के ऊपर से खेलना चाहा। लेकिन गेंद को ऊंचाई मिली, लंबाई नहीं। कवर में खड़े असलांका ने आसान सा कैच किया। दर्शकों का जोश देखने वाला था और लंकाई टीम का भी। और बाउंड्री पर खड़े लसिथ मलिंगा भी इस जोश का हिस्सा थे। योजना काम जो कर गई थी।
श्रीलंका को पहले बल्लेबाजी करने का मौका मिला था। चरित असलंका ने अपने वनडे करियर का पहला शतक लगाया। उन्होंने 110 रन की पारी खेली और अपनी टीम का स्कोर 258 रन तक पहुंचाया। ऑस्ट्रेलिया की जीत आसान लग रही थी। डेविड वॉर्नर टीम को लक्ष्य की ओर ले जा रहे थे। लेकिन वॉर्नर 99 रन पर आउट हो गए। श्रीलंकाई स्पिनर्स ने अच्छा खेल दिखाया और ऑस्ट्रेलियाई टीम 254 तक ही पहुंच पाई।
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