Laxman Sivaramakrishnan: I’d like to help our spinners till the World Cup in the role of spin consultant
Kuldeep Yadav, Yuzvendra Chahal © AFP

पूर्व भारतीय गेंदबाज लक्ष्मण शिवरामकृष्णन ने भारतीय टीम के स्पिन गेंदबाजी सलाहकार बनने में दिलचस्पी दिखाई है। शिवरामकृष्णन ने टाइम्स ऑफ इंडिया को दिए बयान में कहा कि वो टीम इंडिया के स्पिन गेंदबाजी कोच के पद के लिए अपना नाम देने के लिए तैयार हैं।

शिवरामकृष्णन ने कहा, “मैं बतौर स्पिन कोच या सलाहकार विश्व कप तक अपने स्पिन गेंदबाजों की मदद करना चाहूंगा, अगर बीसीसीआई मेरे सामने कोई प्रस्ताव रखती है तो। 11 से 40 तक जो बीच के ओवर हैं, वहां हमे विकेट निकालने की जरूरत है। अगर हमारे स्पिनर इन बीच के ओवरों में पांच विकेट लेते हैं तो हमने अच्छा काम किया। नहीं तो आप एक खतरनाक स्थिति की ओर बढ़ रहे हैं, जहां विपक्षी टीम का मध्यक्रम सेट हो चुका है और आखिरी के 10 ओवरों में आक्रमण करने के लिए तैयार है।”

कैसे बेहतर हो सकते हैं कुलदीप-चहल

अपने समय के दिग्गज लेग स्पिनर रहे शिवरामकृष्णन का कहना है कि मौजूदा टीम इंडिया के सभी स्पिन गेंदबाज अच्छे हैं लेकिन उन्हें और बेहतर होने की जरूरत है। उन्होंने कहा, “गेंदबाजी करते समय कुलदीप यादव के संतुलन को और सुधारने की जरूरत है। उसका शरीर एक साथ नहीं जाता, गेंद फेंकते समय उसके हाथ सही तरीके से नहीं घूमते हैं। युजवेंद्र चहल लेग और मिडल स्टंप के बीच गेंद डालने का प्रयास करता हैं, जिसका मतलब है कि बल्लेबाज उन्हें मिड विकेट पर मारने का सोचते हैं, जो कि खाली होने की संभावना रहती है क्योंकि दोनों फील्डर डीप स्क्वायर लेग (स्वीप शॉट के लिए) और लॉन्ग ऑन पर तैनात होते हैं। अगर वो ऑफ स्टंप के बाहर गेंद कराएगा तो बल्लेबाज उसे ऑफ साइड की तरफ ड्राइव करने पर मजबूर हो जाएगा, जहां तीन फील्डर लगाए जा सकते हैं, प्वाइंट, कवर और लॉन्ग ऑफ पर। उसकी गुगली भी और ज्यादा खतरनाक हो जाएगी, अगर बल्लेबाज उससे चूकता है तो वो बोल्ड या एलबीडबल्यू हो जाएगा।”

उन्होंने आगे कहा, “चहल और कुलदीप दोनों के पास लेग ब्रेक और गुगली है लेकिन वो अपने खेल में एक टॉप-स्पिनर भी जोड़ सकते हैं। साथ ही उन्हें गुगली को जरूरत से ज्यादा इस्तेमाल करने से भी बचना होगा।” टीम इंडिया के गेंदबाजी कोच फिलहाल भरत अरुण हैं लेकिन स्पिन गेंदबाजी के लिए कोई स्पेशलिस्ट कोच टीम के पास नहीं है।