Lockdown allowed me to work on my strengths: Deepak Chahar
दीपक चाहर (AFP)

लॉकडाउन के दौरान क्रिकेट पर ब्रेक लगने से फैंस के साथ साथ खिलाड़ी भी काफी परेशान हैं। लेकिन कुछ क्रिकेटर इस ब्रेक का इस्तेमाल अपने फायदे के लिए कर रहे हैं। उन्हीं में से एक हैं युवा भारतीय तेज गेंदबाज दीपक चाहर।लॉकडाउन की वजह से चाहर को चोट से उबरने के साथ साथ अपनी ताकत पर काम करने का भी समय मिला।

आईएएनएस को दिए बयान में चाहर ने कहा, “जब लॉकडाउन शुरू हुआ था तब मैं फिट हो चुका था और मैदान पर वापसी की सोच रहा था। लेकिन अब जब हमें यह बताया गया कि कोरोनावायरस महामारी से लड़ने के लिए हमें घरों में ही रहना है तो मैंने सोचा कि अपनी ताकतों पर काम करने के लिए मेरे पास यह और अच्छा मौका है। मैंने दिल से ट्रेनिंग की।”

उन्होंने कहा, “मैं ढाई साल पहले भी चोटिल हुआ था। लेकिन उस समय मुझे खुद पर काम करने का समय नहीं मिल रहा था और मैं बिना रूके ही क्रिकेट खेल रहा था। अगर आप गिनती करेंगे तो पाएंगे कि मैं ज्यादा से ज्यादा दो-तीन दिनों के लिए घर आता था।”

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चेन्नई सुपर किंग्स के लिए आईपीएल खेलने वाले  जब मैंने लगातार खेलना शुरू कर दिया था तो फिर शरीर के निचले हिस्से में मेरी ताकत कम हो गई थी। मैं इस पर काम नहीं कर सकता था। शरीर को खेल से 30-40 दिन दूर रखने की आवश्यकता थी। इसलिए इस ब्रेक ने मेरी ताकतों और साथ ही शरीर के निचले हिस्सों पर काम करने में मेरी मदद की। एक तेज गेंदबाज के रूप में आपके शरीर का निचला हिस्सा शिखर पर रहे।”