longest test match in history it lasted twelve days
साउथ अफ्रीका vs इंग्लैंड 1939 टेस्ट मैच @ICCTwitter

भारत और न्यूजीलैंड के बीच खेले जाने वाले वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप (ICC WTC 2021) मैच में एक अतिरिक्त छठे दिन को रिजर्व डे के तौर पर रखा गया है. शुक्रवार को इस मैच का पहला दिन था, लेकिन बारिश ने यहां एक भी गेंद तो दूर मैच का टॉस तक नहीं होने दिया. अब जानकार मान रहे हैं कि यह मैच अपने रिजर्व डे यानी छठे दिन तक जरूर पहुंचेगा. टेस्ट क्रिकेट के इतिहास में कई दशकों बाद ऐसा मौका है, जब कोई मैच अपने छठे दिन में भी खेला जा सकता है. लेकिन यह पहला मौका नहीं है, जब कोई टेस्ट 5 दिन से ऊपर खेला जाएगा. इतिहास का सबसे लंबा टेस्ट मैच 12 दिनों तक चला था, जो साउथ अफ्रीका और इंग्लैंड के बीच साल 1939 में खेला गया था. यह टाइमलेस टेस्ट मैच था, जिसे परिणाम आने तक खेला जाना था.

आमतौर पर टेस्ट क्रिकेट 5 दिनों का होता है लेकिन दो विश्व युद्ध के दौरान टेस्ट क्रिकेट लंबे समय तक चलता था और एक बार यह 12 दिनों तक चला. यह मुकाबला 3-14 मार्च 1939 (12 दिन) में साउथ अफ्रीका और इंग्लैंड के बीच डर्बन में हुआ था. रेस्ट डे और वॉशआउट के बाद यह मुकाबला 12 दिनों बाद ड्रॉ पर खत्म हुआ. इस मैच में 43 घंटे 16 मिनट तक खेल चला था, जिसमें कुल 1981 रन बने और 5,447 गेंदें फेंकी गईं. यह मैच क्रिकेट के सबसे लंबे मैच के रूप में गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में भी दर्ज है.

यह मुकाबला इस सीरीज का 5वां और अंतिम मैच था. इंग्लैंड इस सीरीज में 1-0 से आगे था. साउथ अफ्रीका ने इस मैच में टॉस जीतकर पहले बैटिंग का फैसला किया और उसकी पहली पारी 530 रन पर सिमटी. इस दौरान मैच का तीसरा दिन रविवार होने के कारण रेस्ट डे (आराम का दिन) था, और चौथे दिन जाकर अफ्रीकी टीम की पहली पारी समाप्त हुई थी. इसके जवाब में इंग्लैंड की टीम 316 रन पर ऑलआउट हो गई और साउथ अफ्रीका को पहली पारी के आधार पर 214 रनों की बढ़त हासिल हुई.

इसके बाद साउथ अफ्रीका ने दोबारा बल्लेबाजी करते हुए इंग्लैंड के सामने 696 रनों की विशाल चुनौती रखी थी. इस बार इंग्लैंड ने अपनी दूसरी पारी में मजबूती से वापसी की और 14 मार्च तक यानी मैच के 12वें दिन 5 विकेट गंवाकर चायकाल तक 654 रन बना लिए थे. अब इंग्लैंड जीत से महज 42 रन दूर था, जबकि उसके 5 विकेट शेष थे. लेकिन इसके बाद जोरदार बारिश होने लगी और मुकाबला आगे नहीं कराया जा सका.

इंग्लैंड की टीम को इसी शाम केपटाउन पहुंचना था, जहां से उसे अपने निर्धारित जहाज में सवार होकर इंग्लैंड के लिए वापस लौटना था. ऐसे में इस मैच को यहीं ड्रॉ पर समाप्त घोषित करना पड़ा.

(इनपुट : आईएएनएस)