प्रतिबंध के बाद लू विंसेंट क्रिकेट से दूर हैं © Getty Images
प्रतिबंध के बाद लू विंसेंट क्रिकेट से दूर हैं © Getty Images

न्यूजीलैंड के पूर्व क्रिकेटर लू विंसेंट विस्व क्रिकट में कोई अनजाना नाम नहीं हैं। लूं विंसेंट पर इंग्लैंड और वेल्स क्रिकेट बोर्ड ने 2014 में मैच फिक्सिंग के आरोपों पर उनपर आजीवन प्रतिबंध लगा दिया था। प्रतिबंध लगने के बाद विंसेंट कई बार इस बात को मान चुके हैं कि उन्हें लोगों के बीच अपना चेहरा दिखाने में शर्मिंदगी महसूस होती थी। न्यूजीलैंड के एक निजी चैनल को साक्षात्कार के दौरान विंसेंट ने कहा कि मुझे एक समय लगा था कि मैं आत्महत्या कर लूं। मैं डिप्रेशन में चला गया था और मुझे कुछ भी समझ नहीं आ रहा था।

38 साल के विंसेंट ने कहा, ‘जब मुझपर प्रतिबंध लगा तो मेरा दिमाग कुछ भी सोचने समझने की हालत में नहीं था, मेरे दिमाग ने काम करना बंद कर दिया था। मैं पूरी तरीके से हार चुका था। मुझे ऐसा महसूस हो रहा था जैसे कि मैं हार गया हूं। मैं क्रिकेट से बहुत प्यार करता था, चार साल की उम्र से ही क्रिकेट से मेरा लगाव हो गया था।  भारत बनाम इंग्लैंड, पहले टेस्ट का स्कोरकार्ड जानने के लिए क्लिक करें…

विंसेंट ने साथ ही कहा कि क्रिस क्रेन्स पर दिए बयान पर उन्हें कोई आपत्ति नहीं है।’ विंसेंट ने साथ ही कहा कि अब मैं अपनी जिंदगी से काफी खुश हूं, मैं पिछली जिंदगी से उबरने में कामयाब रहा और इसका श्रेय मैं अपनी बच्चियों को देना चाहूंगा। अब मैंने नए फील्ड में नया रोजगार तलाश लिया है और अपने परिवार के साथ खुश आपको बता दें कि विंसेंट न्यूजीलैंड के एक बेहतरीन खिलाड़ी रहे हैं और उन्होंने टीम को कई मैच अपने दम पर जिताए थे। लेकिन विंसेंट को फिक्सिंग के आरोप में सजा सुनाई गई थी।