बीसीसीआई के इस फैसले से हैरान हैं पूर्व क्रिकेटर

मदनलाल का कहना चयनकर्ताओं का काम होता है सर्वश्रेष्ठ टीम चुनना, उसके लिए पुरस्कार देना हैरान करने वाला है।

Edited By : Press Trust of India |Aug 11, 2017, 10:05 AM IST

Published On Aug 11, 2017, 10:05 AM IST

Last UpdatedAug 11, 2017, 10:05 AM IST

पूर्व भारतीय क्रिकेटर मदन लाल © Getty Images
पूर्व भारतीय क्रिकेटर मदन लाल © Getty Images

पूर्व भारतीय ऑलराउंडर मदन लाल ने पुरूष और महिला चयनसमिति के प्रत्येक सदस्य को ‘अच्छी टीम का चयन’ करने के लिये 15 लाख रूपये देने की बीसीसीआई की घोषणा की कड़ी आलोचना की। सुप्रीम कोर्ट द्वारा नियुक्त प्रशासकों की समिति (सीओए) की सदस्य डायना एडुल्जी ने कल इस बात की घोषणा की थी बीसीसीआई पुरूष और महिला दोनों चयनसमिति के सदस्यों को अच्छी टीम का चयन करने के लिए पुरस्कृत करेगी।

भारत के मुख्य कोच और राष्ट्रीय चयनकर्ता रह चुके मदन लाल ने अपने ट्विटर पेज पर लिखा, ‘‘यह पढ़कर हैरान हूं कि चयनकर्ताओं को सर्वश्रेष्ठ टीम का चयन करने के लिये 15 लाख रूपये दिये जाएंगे। उन्हें खराब नहीं सर्वश्रेष्ठ टीम का ही चयन करना होता है।’’ सचाई यह है कि दोनों चयनसमितियों को अच्छा खासा वेतन भी मिलता है। मदन लाल का मानना है कि समिति को उनके नियमित काम के लिए अलग से किसी प्रकार का ईनाम दिया जाना सही नहीं है। उन्हें अच्छी टीम का चयन करने के लिए मोटा वेतन मिलता ही है। [ये भी पढ़ें: अभिनव मुकुंद के समर्थन में उतरे कोहली-अश्विन]

बीसीसीआई के एक सीनियर अधिकारी से जब मदन लाल की टिप्पणी के बारे में पूछा गया, उन्होंने कहा, ‘‘इससे पहले भी चयनकर्ताओं को टीम के अच्छे प्रदर्शन पर वित्तीय तौर पर पुरस्कृत किया गया। भारतीय पुरूष टीम ने जब 2011 में विश्व कप जीता तो कृष्णमाचारी श्रीकांत की अगुवाई वाली चयनसमिति को मोटी धनराशि दी गयी थी।’’ इस बार चयनसमिति को चैंपियंस ट्रॉफी और विश्व कप टूर्नामेंट के लिए टीम चुनने पर पुरस्कार दिया जा रहा है।

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