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'कोहली नहीं जितायेंगे हर मैच, सलामी बल्लेबाजों को लेनी होगी जिम्मेवारी', दिग्गज खिलाड़ी की टीम इंडिया को सलाह
पूर्व खिलाड़ी ने कहा कि रोहित शर्मा और राहुल को अपने खेल के स्तर को ऊपर उठाना होगा, सभी को यह सुनिश्चित करने की ज़रूरत है कि वे हर समय अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन और प्रयास कर रहे हैं.
Published On Oct 26, 2022, 11:39 AM IST
Last UpdatedOct 26, 2022, 11:39 AM IST
Madan lal
नयी दिल्ली. विराट कोहली की यादगार पारी के दम पर भारत ने पाकिस्तान को हराकर टी20 विश्व कप में अपने अभियान को शानदार तरीके से शुरू किया लेकिन 1983 विश्व कप के भारतीय नायक मदन लाल ने कहा कि विश्व विजेता बनने के लिए टीम को एक या दो खिलाड़ियों पर निर्भर नहीं रहना चाहिये.
भारत के पूर्व कोच मदन लाल का मानना है कि भारत के सलामी बल्लेबाजों को एक ठोस शुरुआत देने की जरूरत है. मदनलाल ने ‘पीटीआई-भाषा’ को दिये साक्षात्कार में कहा कि विराट कोहली की पारी अद्भुत थी, मैंने कभी ऐसी पारी नहीं देखी लेकिन वह आपको हर मैच नहीं जीतने वाले हैं. यह काफी बड़ा टूर्नामेंट है, इसे एक व्यक्ति द्वारा नहीं जीता जा सकता है.
उन्होंने कहा कि ऑस्ट्रेलियाई पिचें कोहली के खेल के अनुकूल हैं, वह बीच-बीच में गेंद को सीमा रेखा के पार भेजने के साथ बड़े मैदानों का शानदार तरीके से इस्तेमाल कर एक, दो और तीन रन दौड़कर चुराता है। मानसिक रूप से बहुत मजबूत है.
71 साल के पूर्व खिलाडी ने कहा कि रोहित शर्मा और लोकेश राहुल को अपने खेल के स्तर को ऊपर उठाना होगा, सभी को यह सुनिश्चित करने की ज़रूरत है कि वे हर समय अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन और प्रयास कर रहे हैं और हर मैच में अलग-अलग नायक होंगे.
पूर्व हरफनमौला खिलाड़ी ने कहा कि भारत ने पाकिस्तान के खिलाफ जो हासिल किया वह प्रशंसा का पात्र है लेकिन इतने बड़े टूर्नामेंट में ढिलाई बरतने की कोई गुंजाइश नहीं है. उन्होंने कहा कि भारत का काम अभी पूरा नहीं हुआ है, यात्रा अभी शुरू हुई है. यहां तक कि नीदरलैंड जैसी टीमें भी कमजोर टीम नहीं हैं, टी 20 में कोई भी टीम किसी भी टीम को मात दे सकती है.
उन्होंने कहा कि जब आप टूर्नामेंट जीतेंगे तब कह सकते है कि मिशन पूरा हो गया और आप ने एक भारतीय टीम के रूप में काम किया है. कई विशेषज्ञों की तरह लाल ने भी इस बात की वकालत की कि अंतिम एकादश को परिस्थितियों के मुताबिक तय करना है न कि खिलाड़ियों की प्रतिष्ठा को देखते हुए.
उन्होंने कहा कि भारत को अपने विरोधियों के अनुसार अपनी एकादश का चयन करना चाहिए. उन्हें अपने तेज गेंदबाजों और स्पिनरों को उसी के अनुसार खेलना चाहिए. अंतिम एकादश का चयन एक मानदंड पर नहीं हो सकता है.
ऋषभ पंत को प्लेइंग-11 में जगह देने की मांग
उन्होंने भारतीय एकादश में ऋषभ पंत को शामिल करने की वकालत की. मदनलाल ने कहा कि पंत ऐसा खिलाड़ी है जिसे हर हाल में खिलाना चाहिये. अगर वह पांच मैचों में टीम का हिस्सा होगा तो आपको दो मैच अपने दम पर जितवायेगा, यह काफी होता है. आपको उसे पांच-छह मैचों के लिए मौका देने के बारे में सोचना चाहिये.