महेंद्र सिंह धोनी ने वनडे और टी20 की कप्तानी छोड़ने का फैसला लिया। © PTI
महेंद्र सिंह धोनी ने वनडे और टी20 की कप्तानी छोड़ने का फैसला लिया। © PTI

भारतीय क्रिकेटर महेंद्र सिंह धोनी के वनडे और टी20 की कप्तानी छोड़ने के बाद उन्होंने अपनी ओर से अब तक कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया है लेकिन भारतीय टीम के मुख्य चयनकर्ता एमएस के प्रसाद ने इंडियन एक्सप्रेस के बातचीत में कई बातों का खुलासा किया है। प्रसाद ने अपने बयान में कहा, “ओके, दैट्स इट” कप्तानी छोड़ने से पहले धोनी के आखिरी शब्द थे। धोनी ने कल रात अचानक यह फैसला लिया और यह खबर जंगल की आग की तरह हर तरफ फैल गई। हालांकि प्रसाद ने अपने बयान में ज्यादा कुछ नहीं बताया लेकिन उन्होंने धोनी की तारीफ की और उनके फैसले का सम्मान करने की बात कही। ये भी पढ़ें: महेंद्र सिंह धोनी की कप्तानी के सबसे खास क्षण

उन्होंने यह भी कहा कि धोनी इससे पहले भी उनसे कप्तानी छोड़ने के बारें में बात करे चुके थे और इस बार उन्होंने पक्का फैसला कर लिया। धोनी और प्रसाद एक दिन पहले झारखंड बनाम गुजरात सेमीफाइनल मैच के दौरान नागपुर में मौजूद थे। आपको बता दें कि नई चयन समिति ने गठन के तुरंत बाद ही यह बयान दिया था कि धोनी का विकल्प ढूंढना उनकी प्राथमिकता है लेकिन चैम्पियंस ट्रॉफी से केवल पांच महीने पहले धोनी पर किसी प्रकार का दबाव नहीं डालना चाहते थे। धोनी के इस तरह कप्तानी छोड़ने का एक कारण यह भी हो सकता है कि वह चाहते हो कि वनडे विश्वकप से पहले विराट कोहली सीमित ओवरों में टीम का नेतृत्व करने का थोड़ा अनुभव हासिल कर लें। अन्यथा बतौर कप्तान अपने 200 वनडे पूरे करने से पहले भला वह क्यों ऐसा फैसला लेते। इस फैसले के बाद ही यह चर्चा भी शुरु हो गई है कि धोनी अब 2019 विश्वकप में टीम का हिस्सा नहीं रहेंगे। इन सभी अटकलों का जवाब देते हुए धोनी के मैनेजर अरुन पांडे ने कहा, “सभी महान नायकों को पता होता है कि उन्हें कब पीछे हटना है। वह जानते है कि अब टीम तैयार है। वह अब भी अगले तीन चार साल तक अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट खेलने के लिए तैयार हैं। साथ ही 2019 विश्वकप खेलना भी उनकी प्राथमिकता है। वह इस समय भी टीम के सबसे फिट खिलाड़ी हैं।” ये भी पढ़ें:इंग्लैंड के खिलाफ वनडे में एक भी शतक नहीं लगा पाए हैं महेंद्र सिंह धोनी

धोनी के के कप्तानी छोड़ने के बाद फैंस को काफी धक्का लगा है। अब इंग्लैंड के खिलाफ वनडे टीम में धोनी बतौर विकेटकीपर बल्लेबाज नज़र आएंगे। धोनी को कप्तान से अलग करना मुश्किल है, दर्शकों के लिए वह हमेशा कैप्टन कूल ही रहेंगे।