मेरा लक्ष्य भारतीय टीम का हिस्सा बने रहना और देश के लिए मैच जीतना: मनीष पांडे
फोटो साभार www.bcci.tv

अंतिम एकादश से लगातार अंदर-बाहर होने के बावजूद मिले हुए सीमित मौकों पर अच्छा प्रदर्शन करने वाले मध्य क्रम के बल्लेबाज मनीष पांडे की कोशिश जिम्बाब्वे दौरे पर अच्छी पारियां खेल टीम में अपनी जगह पक्की करने की है। 2015 के जिम्बाब्वे के दौरे पर पदार्पण करने वाले पांडे ने अभी तक चार अंतर्राष्ट्रीय एकदिवसीय मैच खेले हैं, लेकिन इसी साल जनवरी में आस्ट्रेलिया के खिलाफ 332 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए खेली गई उनकी नाबाद 104 रनों की पारी से उन्होंने सबका ध्यान अपनी तरफ खींचा। इस मैच में भारत ने जीत हासिल की थी।

शानदार प्रदर्शन के बाद भी टीम में बढ़ती प्रतिद्वंदिता के कारण पांडे को ज्यादा समय ड्रेसिंग रूम में ही बिताना पड़ा है। पांडे का ध्यान अब इस दौरे के माध्यम से टीम में स्थायी रूप से जगह बनाने पर है।

बीसीसआई डॉट टीवी ने पांडे के हवाले से कहा, “यह दोबारा से एक नई शुरुआत है। हम पिछले साल इसी समय यहां थे और मैंने यहां अपना पहला अंतर्राष्ट्रीय मैच खेला था। उन यादों को दोबारा जीना और साझा करना अच्छा लगता है। मैं यहां भारत के लिए रन करुं गा और अपना काम करुंगा।” [ये भी पढ़ें: ]

पांडे ने कहा, “मेरा लक्ष्य लगातार अच्छा प्रदर्शन करना और यह सुनिश्चित करना है कि मैं अंतिम एकादश में अपनी जगह बनाऊं। अगले कुछ सालों के लिए मेरा लक्ष्य भारतीय टीम का हिस्सा बने रहना और देश के लिए मैच जीतना है। मैं इसके लिए कड़ी मेहनत कर रहा हूं और मैं इसे हासिल करना चाहता हूं।”

अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट में क्षेत्ररक्षण के बढ़ते स्तर को देखते हुए पांडे ने कहा है कि वह बल्लेबाजी के अलावा क्षेत्ररक्षण पर भी काफी ध्यान देते हैं। पांडे को 2010 रणजी ट्रॉफी फाइनल में मुम्बई के खिलाफ शानदार कैच के लिए याद किया जाता है।

पांडे ने कहा, “मैं बल्लेबाजी पर जितना ध्यान देता हूं, उतना ही क्षेत्ररक्षण पर भी देता हूं। क्षेत्ररक्षण खेल का महत्वपूर्ण हिस्सा है। कुछ अच्छे कैच और रन आउट आपको मैच जिता सकते हैं।”