मार्कस स्टोइनिस © Getty Images
मार्कस स्टोइनिस © Getty Images

ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड के बीच खेले गए चैपल-हेडली सीरीज के पहले मैच ने रोमांच की सारी हदें पार कर दीं और अंत में न्यूजीलैंड ने मैच को 6 रनों से अपने नाम कर लिया। इस जीत के साथ ही न्यूजीलैंड ने 3 मैचों की वनडे सीरीज में 1-0 की बढ़त बना ली। एक समय ऑस्ट्रेलिया की आधी टीम मात्र 54 रनों पर पवेलियन लौट गई थी और टीम के 6 विकेट 67 रनों पर गिर चुके थे। लेकिन इसके बाद सातवें नंबर पर बल्लेबाजी करने आए मार्कस स्टोइनिस ने धुंआधार बल्लेबाजी कर ऑस्ट्रेलिया को मैच में बनाए रखा। एस समय एकतरफा दिख रहे मैच को मार्कस ने अपनी टीम के पक्ष में ला दिया। लेकिन दुर्भाग्यवश, अंतिम बल्लेबाज जोश हेजलवुड के रन आउट होने के कारण वह अपनी टीम को जीत नहीं दिला सके। लेकिन मार्कस ने जिस तरह की बेहतरीन बल्लेबाजी की उसके बाद हर जगह उनकी तारीफ होने लगी।

न्यूजीलैंड द्वारा 287 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी ऑस्ट्रेलियाई टीम की शुरुआत बेहद खराब रही और टीम के लगातार विकेट गिरते रहे। हालात ये हो गए कि ऑस्ट्रेलिया की आधी टीम मात्र 54 रन बनाकर आउट हो चुकी थी। और टीम के 6 विकेट 67 रनों पर गिर चुके थे। लगने लगा था कि ऑस्ट्रेलिया इस मैच को बड़े अंतर से हार जाएगा। लेकिन, सातवें क्रम पर बल्लेबाजी करने आए मार्कस ने जेम्स फॉकनर के साथ सातवें विकेटे के लिए 81 रनों की साझेदारी की और अपनी टीम को मैच में बनाए रखा। फॉकनर के आउट होने के बाद भी मार्कस ने अपनी ताबड़तोड़ बल्लेबाजी जारी रखी और पुछल्ले बल्लेबाजों के साथ मिलकर पहले अपना शतक ठोक डाला। मार्कस ने अचानक अपनी टीम को हारे हुए मैच में वापस ला दिया। निचले क्रम के साथ मिलकर मार्कस ने धुंआधार बल्लेबाजी की और लगभग न्यूजीलैंड के मुंह से जीत छीन ही ली थी। ये भी पढ़ें: अंतिम ओवरों में गेंदबाजी के अनुभव से फायदा मिला: जसप्रीत बुमराह

आखिरी बल्लेबाज के रूप में क्रीज पर आए जोश हेजलवुड के साथ मार्कस ने आखिरी विकेट के लिए 54 रनों की साझेदारी की। इस साझेदारी की खास बात ये रही है कि इस दौरान हेजलवुड को एक भी गेंद खेलने का मौका नहीं मिला। लेकिन अंतिम बल्लेबाज जोश हेजलवुड रन आउट हो गए और मार्कस का भरकस प्रयास मंजिल तक नहीं पहुंच सका। मार्कस ने दबाव में 117 गेंदों में 146 रनों की ताबड़तोड़ पारी खेली। मार्कस ने अपनी पारी में 11 गगनचुंबी छक्के और 9 चौके जड़े। हालांकि मार्कस का भरकस प्रयास भी टीम को जीत नहीं दिला सका और पूरी टीम 280 रनों पर सिमट गई। लेकिन मार्कस ने जिस तरह की पारी खेली और हारे हुए मैच को इतना रोमांचक बना दिया उसके बाद उनकी पारी को हर जगह सराहा जा रहा है।