राजनीतिक कारणों के चलते भारत और पाकिस्तान की क्रिकेट टीमों के बीच काफी सालों से कोई द्विपक्षीय सीरीज नहीं खेली जा रही है। फैंस केवल आईसीसी टूर्नामेंट्स में ही इन दोनों टीमों को एक दूसरे का मुकाबला करते देख पाते हैं। हालांकि भारत और पाकिस्तान के कई पूर्व क्रिकेटरों ये कह चुके हैं कि खेल को राजनीतिक से अलग रखना चाहिए। अब इस सूची में पाकिस्तान की महिला टीम की कप्तान बिसमाह मारूफ (Bismah Maroof) का नाम भी शामिल हो गया है।

मारूफ ने गुरूवार को बयान दिया कि भारत को खेलों को राजनीति से अलग रखकर पाकिस्तान के साथ द्विपक्षीय मैच खेलने चाहिए। बिसमाह ने निराशा जताई कि पाकिस्तान इस साल आईसीसी महिला चैंपियनशिप में भारत के साथ नहीं खेल सका।

उसने कहा, ‘‘भारत की टीम आला दर्जे की है और हम उसके साथ खेलना चाहते थे। भारत को खेलों को सियासत से अलग रखना चाहिए।’’

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भारत आईसीसी महिला चैंपियनशिप में दो बार पाकिस्तान के साथ नहीं खेला है। बीसीसीआई ने यूएई जैसे दोनों देशों से अलग न्यूट्रल वेन्यू पर भी खेलने से इनकार कर दिया।

बिसमाह ने कहा, ‘‘ये हमारे लिए खराब है क्योंकि हम दो बार घरेलू मैदान पर नहीं खेल सके। हम अपने मैदान पर लगातार खेलेंगे तो देश में महिला क्रिकेट का स्तर बेहतर होगा।’’

बता दें कि पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड इस साल श्रीलंका की पुरुष क्रिकेट टीम को दौरे पर आने के लिए राजी कर पाई। श्रीलंका टीम ने हाल ही पाकिस्तान में सीमित ओवर फॉर्मेट सीरीज खेली है और दिसंबर में दो मैचों की टेस्ट सीरीज खेलने के लिए वो पाकिस्तान लौटेंगे। साथ ही पीसीबी ऑस्ट्रेलिया और दक्षिण अफ्रीका के क्रिकेट बोर्ड से भी पाकिस्तान दौरे पर आने की चर्चा कर रही है।