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एशिया कप: फाइनल मैच में पुरानी गलतियां नहीं दोहराएगी बांग्लादेश टीम

बांग्लादेशी कप्तान मशरफे मुर्तजा का कहना है कि फाइनल मैच में खिलाड़ियों को अपनी भावनाओं पर काबू करना होगा।

user-circle cricketcountry.com Written by Cricket Country Staff
Last Published on - September 28, 2018 1:06 PM IST

साल 2016 में बैंगलोर में खेला गया आईसीसी विश्व कप टी20 कप का वो मैच तो सभी को याद है, जहां बांग्लादेश टीम जीत हुआ मैच एक रन से हार गई थी। अब जबकि बांग्लादेश टीम भारत के खिलाफ एशिया कप का फाइनल मैच खेलने जा रही है, ऐसे में कप्तान मशरफे मुर्तजा पुरानी गलतियों को नहीं दोहराना चाहते हैं।

मुर्तजा ने फाइनल मैच से पहले दिए बयान में कहा, “हम काफी मुश्किल हालातों से एक के बाद एक खिलाड़ी को खोकर और इस शक के साथ कि मुशफिक खेलेगा या नहीं, यहां पहुंचे हैं। इससे लड़कों ने काफी कुछ सीखा है। ये खिलाड़ियों से अच्छा सबक है। मुझे लगता है कि युवा खिलाड़ी ये सीखेंगे कि हमे आखिरी गेंद तक लड़ाई जारी रखनी है।”

बांग्लादेशी कप्तान ने आगे कहा, “अभी तक हमने जैसे प्रदर्शन किया है, मुझे उस पर गर्व है लेकिन फाइनल मैच से पहले हमे अपनी भावनाओं पर काबू करना होगा। हम भारत के खिलाफ कैसे लड़ते हैं ये मायने रखता है। वो बिना किसी शक के सर्वश्रेष्ठ टीम है लेकिन हम देखेंगे कि हमारे पास क्या विकल्प है और उसके साथ हम कैसे लड़ सकते हैं।”

बांग्लादेश टीम के सीनियर ऑलराउंडर खिलाड़ी शाकिब अल हसन और सलामी बल्लेबाज तमीम इकबाल टूर्नामेंट से बाहर हो चुके हैं। इस बारे में कप्तान ने कहा, “ये काफी मुश्किल है, शाकिब और तमीम जैसा दूसरा कोई क्रिकेटर नहीं है। शाकिब टूर्नामेंट की शुरुआत से ही केवल 50 प्रतिशत फिट था। पहले मैच के बाद तमीम भी हमारे पास नहीं था। अच्छी बात ये है कि लड़के निराश नहीं हुए। उन्होंने लगातार मुकाबला किया। हालांकि हम ग्रुप स्टेज में अफगानिस्तान और सुपर फोर में भारत से हार गए लेकिन हमने लड़ाई जारी रखी।”

बांग्लादेश टीम ने अब तक दुबई के स्टेडियम में केवल एक ही मैच खेला है जबकि भारत सारे मैच इसी मैदान पर खेल रहा है। दुबई स्टेडियम की पिच के बारे में बात करते हुए मुर्तजा ने कहा, “जब भारत पाकिस्तान के खिलाफ खेला था तो विकेट सपाट था लेकिन जब वो अफगानिस्तान के खिलाफ खेले तो नबी, राशिद और मुजीब को काफी टर्न मिला। इसलिए विकेट को लेकर मिली जुली प्रतिक्रिया है। जैसा भी विकेट मिलता है हमे उसमें अपने आप को ढाल कर उसी हिसाब से खेलना है।”

मुर्तजा ने आगे कहा, “10-40 के बीच के ओवरों के मुकाबले पहले 10 ओवर में रन बनाना आसान है। हमारे लगातार विकेट गिरने के वजह से हमे सेट होने में ज्यादा समय लगता है। अगर हम इसी तरह विकेट खोते रहे तो मध्यक्रम पर अतिरिक्त दबाव आ जाएगा। मध्यक्रम हर बार नहीं चलेगा। उम्मीद है कि शीर्ष क्रम चलेगा और अगर ऐसा नहीं होता तो मध्यक्रम को खेलना पड़ेगा।”