×

WTC फाइनल से पहले मैथ्यू हेडन ने टीम इंडिया को दी बड़ी सलाह, बताया- किसका पलड़ा भारी ?

भारतीय टीम ने अपना पिछला आईसीसी खिताब 2013 में महेंद्र सिंह धोनी की कप्तानी में चैम्पियंस ट्रॉफी में जीता था.

Matthew Hayden

Matthew Hayden (Photo-twitter)

नई दिल्ली. पूर्व सलामी बल्लेबाज मैथ्यू हेडन का मानना है कि पिछले एक दशक में आईसीसी स्पर्धाओं में भारत के खिताबी सूखे का कारण खिलाड़ियों की मानसिकता है क्योंकि उनके लिए कौशल कभी मुद्दा नहीं रहा है. पूर्व क्रिकेटर ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ विश्व टेस्ट चैम्पियनशिप (डब्ल्यूटीसी) फाइनल के लिए भारतीय खिलाड़ियों को सलाह दी कि वे मैच के परिणाम को सोचे बिना मैदान पर उतरे.

भारतीय टीम ने अपना पिछला आईसीसी खिताब 2013 में महेंद्र सिंह धोनी की कप्तानी में चैम्पियंस ट्रॉफी में जीता था, टीम इसके बाद नॉकआउट मैचों के दबाव को झेलने में विफल रही, भारत को 2017 चैम्पियंस ट्रॉफी के फाइनल में पाकिस्तान से हार का सामना करना पड़ा. टीम 2019 विश्व कप के सेमीफाइनल में न्यूजीलैंड और फिर पिछले साल टी20 विश्व कप के सेमीफाइनल में इंग्लैंड की चुनौती से पार पाने में विफल रही.

दो साल पहले डब्ल्यूटीसी के शुरुआती फाइनल में उसे न्यूजीलैंड के खिलाफ हार का सामना करना पड़ा था. हेडन ने ‘पीटीआई-भाषा’ को दिये विशेष साक्षात्कार में कहा कि इस मामले में निश्चित रूप से आप उनके कौशल पर सवाल नहीं उठा सकते, यह सिर्फ अवसर और मानसिकता का सवाल होना चाहिए, मेरा मतलब है भारत में क्रिकेट जीवन का हिस्सा है, यह  खेलों का डीएनए है और लोकप्रियता के मामले में कोई इसके आस-पास नहीं है.

हेडन ने कहा कि भारत में क्रिकेट की लोकप्रियता बेजोड़ है और इसी वजह से खिलाड़ियों पर चारों ओर अधिक दबाव बनता है. उन्होंने कहा कि ऑस्ट्रेलिया में मैं अपनी इस दाढ़ी और टोपी के साथ सड़क पर आराम से चल सकता हूं, वहां मुझे ज्यादा लोग नहीं पहचानेंगे क्योंकि वहां लोकप्रियता के मामले में क्रिकेट को कई अन्य खेलों से चुनौती मिलती है, हमारे यहां रग्बी, फुटबॉल, वाटर स्पोर्ट्स, सर्फिंग और बहुत सारे आउटडोर खेल हैं, भारत में क्रिकेट के आस-पास कोई नहीं है इसलिए खिलाड़ियों पर अतिरिक्त दबाव होता है.

हेडन ने कहा- दोनों टीमों के बीच बराबरी का होगा मुकाबला

उन्होंने कहा कि ऐसे में भारतीय खिलाड़ियों को मैं यही सलाह देना चाहूंगा कि मैच के परिणाम को सोचे बिना अपनी प्रक्रिया पर ध्यान दें. इस पूर्व आक्रामक बल्लेबाज ने कहा कि अगर यह मुकाबला लॉर्ड्स मैदान पर होता तो ऑस्ट्रेलिया का पलड़ा भारी होता लेकिन ओवल मैदान पर दोनों टीमों के पास बराबर मौका होगा.

उन्होंने कहा कि टेस्ट चैम्पियनशिप के आयोजन से टेस्ट क्रिकेट का महत्व बढ़ा है, आपके पास फाइनल में दो महान टीमें है.ओवल का मैदान ऐसा नहीं है जो किसी टीम विशेष के लिए अधिक मददगार हो. उन्होंने कहा कि यह इंग्लैंड की सबसे उछालभरी और सपाट सतह है, यह स्पिनरों और वास्तव में तेज गेंदबाजों के लिए भी ज्यादा मददगार नहीं है, यह तटस्थ स्थल की तरह है. यह अगर लॉर्ड्स में होता, तो ऑस्ट्रेलिया को वहां काफी फायदा होता.

उन्होंने कहा कि इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) में भाग लेने वाले खिलाड़ियों को डब्ल्यूटीसी फाइनल में फायदा होगा, चेतेश्वर पुजारा को छोड़कर भारत के सभी खिलाड़ी दो महीने तक चले आईपीएल का हिस्सा थे जबकि डब्ल्यूटीसी फाइनल के लिए चुनी गयी ऑस्ट्रेलियाई टीम के चुनिंदा खिलाड़ियों ने आईपीएल में भाग लिया था. हेडन ने कहा कि हमें दोनों देशों की तैयारियों को लेकर ज्यादा ध्यान नहीं देना चाहिये, मुझे नहीं लगता कि काउंटी क्रिकेट खेलने के बजाय आईपीएल क्रिकेट खेलने से कोई समस्या है.

उन्होंने कहा कि आईपीएल का स्तर भी ऊंचा है, उदाहरण के लिए कैमरून ग्रीन जैसे खिलाड़ी का मुंबई इंडियंस के लिए प्रदर्शन शानदार रहा है. हेडन ने पंत की गैरमौजूदगी को बड़ा झटका करार देते हुए कहा कि अगर वह चयनकर्ता होते तो विकेटकीपिंग के लिए कोना भरत की जगह इशान किशन को तरजीह देते. उन्होंने कहा कि भारतीय क्रिकेट को इस समय एक बड़ा नुकसान ऋषभ पंत की गैरमौजूदगी के कारण हुआ है, अगर मैं भारतीय चयनकर्ता होता, तो मैं निश्चित रूप से अधिक आक्रामक विकेटकीपर बल्लेबाज इशान किशन के साथ जाता, वह बल्लेबाजी और क्षेत्ररक्षण इकाई में भी थोड़ा मजबूती प्रदान करता.

उन्होंने कहा कि मैच के आगे बढ़ने के साथ स्पिनरों की भूमिका अहम होगी ऐसे में भारत को रविचंद्रन अश्विन और रविंद्र जडेजा दोनों स्पिनरों के साथ मैदान पर उतरना चाहिये. हेडन ने कहा कि भारतीय टीम के लिए दो स्पिनरों के साथ मैदान में उतरना कारगर रहा है, हमें पता है कि ऑस्ट्रेलियाई टीम तीन तेज गेंदबाजों के साथ उतरेगी, टीम में नाथन लियोन इकलौते स्पिनर होंगे और ग्रीन हरफनमौला की भूमिका निभाएंगे. हेडन ने भारत के युवा सलामी बल्लेबाज शुभमन गिल की तारीफ करते हुए कहा कि क्रिकेट में अगले 15 साल में आप इस खिलाड़ी का काफी नाम सुनेंगे.

इनपुट- पीटीआई भाषा

trending this week