ऑस्ट्रेलियाई विकेटकीपर बल्लेबाज मैथ्यू वेड का कहना है कि आगामी टेस्ट सीरीज के दौरान भारतीय तेज गेंदबाज बाउंसर का उतना प्रभावी इस्तेमाल नहीं कर सकेंगे जैसा कि न्यूजीलैंड के खिलाफ सीरीज के दौरान कीवी पेसर नील वेगनर ने किया था।

याद दिला दें कि पिछले साल न्यूजीलैंड के खिलाफ सीरीज के दौरान वेगनर ने कंगारू बल्लेबाजों को काफी परेशान किया था। बाएं हाथ के तेज गेंदबाज ने बिना हिचक के ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ शॉर्ट लेंथ गेंद का इस्तेमाल किया और सीरीज में कुल 17 विकेट लिए थे। वेगनर ने ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाजी क्रम की ये कमजोरी सामने लाकर रख दी थी।

भारतीय गेंदबाजों के वेगनर की तरह गेंदबाजी करने की संभावना पर क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया वेबसाइट को दिए बयान में वेड ने कहा, “टीमें कोशिश कर सकती हैं लेकिन मुझे नहीं लगता कि वो सफल होंगी। मुझे नहीं लगता है कि कोई भी उस तरह बाउंसर डाल कर, बिना रन खाए विकेट निकाल सकता है, जैसा कि उसने किया।”

भारतीय क्रिकेट टीम को दिसंबर में चार टेस्ट मैचों की सीरीज के लिए ऑस्ट्रेलिया का दौरा करना है। विराट कोहली की टीम ने साल 2018 में ऑस्ट्रेलियाई जमीन पर ऐतिहासिक टेस्ट सीरीज जीती थी। हालांकि ऑस्ट्रेलिया के दो स्टार खिलाड़ी- स्टीव स्मिथ और डेविड वार्नर और सीरीज का हिस्सा नहीं थे। अब जबकि स्मिथ और वार्नर टीम में लौट आए हैं तो ये टेस्ट सीरीज और भी ज्यादा रोमांचक होगी।

2018-19 की भारत-ऑस्ट्रेलिया सीरीज के दौरान टीम इंडिया के पेस अटैक ने जीत में अहम भूमिका निभाई थी। इशांत शर्मा, मोहम्मद शमी, जसप्रीत बुमराह, भुवनेश्वर कुमार और उमेश यादव ने ऑस्ट्रेलियाई हालातों का जमकर फायदा उठाया था।

इस पर वेड ने कहा, “मेरा मानना है कि हम भारत की ओर से कुछ कोशिश देखेंगे लेकिन ये वेगनर जितनी प्रभावी नहीं होगी। वो काफी समय से ये कर रहा है, ईमानदारी से कहूं तो मैंने कभी भी किसी गेंदबाज को इतनी सटीकता के साथ बाउंसर करते नहीं देखा।”