Matthew Wade on his place in Australian Test Team: You never feel 100 per cent safe
मैथ्यू वेड © Getty Images

इंग्लैंड के खिलाफ एशेज सीरीज के दौरान ऑस्ट्रेलिया की ओर से सबसे ज्यादा रन बनाने वाले तीसरे बल्लेबाज रहे मैथ्यू वेड टेस्ट स्क्वाड में अपनी जगह को लेकर आश्वस्त नहीं हैं। वेड का कहना है कि वो कभी भी अपनी जगह को लेकर 100 प्रतिशत सुरक्षित महसूस नहीं करते हैं।

एशेज सीरीज ड्रॉ कर ऑस्ट्रेलिया पहुंचे वेड ने होबार्ट में मीडिया से बातचीत के दौरान कहा, “आप कभी भी 100 प्रतिशत सुरक्षित महसूस नहीं करते हैं। जब भी मैं कोई मैच खेलता हूं तो लगता है कि अपनी जगह (बचाने) के लिए खेल रहा हूं। शील्ड मैचों के दौरान भी काफी मीडिया रहेगी।”

तस्मानिया के लिए शेफील्ड शील्ड खेलने वाले वेड को विक्टोरिया और वेस्टर्न ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ वनडे मैचों के लिए आराम दिया गया है लेकिन इनके बाद होने वाले मैचों में वेड खेल सकते हैं।

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एशेज सीरीज के बाद ऑस्ट्रेलिया टीम पहले श्रीलंका और फिर पाकिस्तान के खिलाफ टी20 सीरीज खेलेगी। ऑस्ट्रेलिया की अगली टेस्ट सीरीज नवंबर में पाकिस्तान के खिलाफ होगी। उससे पहले कुल 12 शेफील्ड शील्ड मैच खेले जाने हैं, जिन पर ऑस्ट्रेलियाई चयनकर्ताओं और मीडिया की नजर रहेगी।

एशेज सीरीज में वेड का प्रदर्शन अच्छा रहा था। उन्होंने 33.70 की औसत से 10 पारियों में 337 रन बनाए, जिसमें बर्मिंघम और ओवल में बनाए दो शतक शामिल हैं। वेड का कहना है कि शतकों के अलावा उनकी 30-40 रन की पारियां भी काफी अहम थी।

विकेटकीपर बल्लेबाज ने कहा, “मैंने दो शतक बनाए, सब लोग उसी के बारे में बात करेंगे लेकिन मुझे लगता है कि लीड्स और मैनचेस्टर टेस्ट में मैने जो 30 रन की पारियां खेली उनसे ये साबित हुआ कि दबाव के समय में मैं आगे आ सकता हूं।”

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वेड ने आगे कहा, “मुझे लगता है कि उन पांच मैचों में मेरा प्रदर्शन मुझे पहले टेस्ट में मौका दिलाएगा लेकिन कुछ कह नहीं सकते।”

हालांकि वेड अकेले खिलाड़ी नहीं हैं जो टेस्ट टीम में जगह को लेकर असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। एशेज सीरीज के दौरान ऑस्ट्रेलिया टीम ने बल्लेबाजी क्रम में कई बदलाव किए थे- जैसे ट्रेविस हेड की जगह मिशेल मार्श, उस्मान ख्वाजा की जगह मार्नस लाबुशेन। मार्श और लाबुशेन ने अचानक मिले मौके का पूरा फायदा उठाया, ऐसे मे वो पाकिस्तान के खिलाफ होने वाली सीरीज के लिए मजबूत दावेदार हैं।

साथ ही बाकी अंतरराष्ट्रीय टीमों की तरह ऑस्ट्रेलिया भी फिलहाल सलामी बल्लेबाजी की परेशानी से जूझ रही है। एशेज सीरीज के दौरान डेविड वार्नर, मार्कस हैरिस और कैमरून बैनक्रॉफ्ट तीनों ही सलामी बल्लेबाजों का प्रदर्शन निराशाजनक रहा था। हालांकि कोच जस्टिन लैंगर और पूर्व कप्तान रिकी पॉन्टिंग ये साफ कर चुके हैं खराब प्रदर्शन के बावजूद वार्नर को आगे मौका मिलने की संभावना है। ऐसे में हैरिस और बैनक्रॉफ्ट को टीम में जगह बनाने के लिए शील्ड टूर्नामेंट में कमाल दिखाना होगा।