शाहरुख खान © IANS
शाहरुख खान © IANS

पांच साल के लंबे अंतराल के बाद मुंबई पुलिस इस निष्कर्ष पर पहुंची है कि शाहरुख खान ने शराब नहीं पी रखी थी और उन्होंने किशोरों के सामने वानखेड़े स्टेडियम में साल 2012 में गाली गलौच नहीं किया। शिकायतकर्ता अमित मारु, जो दावा करते हैं कि वह एक समाज सेवक हैं, महाराष्ट्र हाईकोर्ट के पास बाल अधिकार संरक्षण के तहत गए थे। जिसके बाद साल 2015 में कोर्ट ने मुंबई पुलिस को एक्टर शाहरुख खान के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने को कहा था जब प्रथम दृष्टया जांच में पाया गया था कि शाहरुख ने किशोरों के सामने गलत भाषा का प्रयोग किया था।

बहरहाल, जब मुंबई पुलिस ने एफआईआर दर्ज नहीं की तो मारु ने एस्प्लेनेड मजिस्ट्रेट अदालत मुंबई में याचिका दायर की थी। कोर्ट ने मरिन ड्राइव पुलिस स्टेशन को मामले की जांच के आदेश दिए। मीडिया में छपी खबरों के मुताबिक, शाहरुख ने स्टेडियम में एक सिक्यूरिटी गार्ड को उस वक्त गाली दी थी जब उसने शाहरुख और उनके बच्चों को एक आईपीएल मैच के दौरान स्टेडियम में प्रवेश करने की इजाजत नहीं दी थी। मरिन ड्राइव पुलिस स्टेशन ने उस समय शाहरुख के खिलाफ गैर-संज्ञेय शिकायत दर्ज की थी।

मुंबई पुलिस ने मजिस्ट्रेट को बताया कि शाहरूख खान के खिलाफ साल 2012 में एक आईपीएल मैच के बाद वानखेड़े स्टेडियम में हुए विवाद के मामले में कोई अपराध नहीं बनता। अदालत में दाखिल की गई एक पुलिस रिपोर्ट में बताया गया है, “जांच के बाद पाया गया कि कोई अपराध नहीं हुआ।” शाहरुख खान आईपीएल की टीम केकेआर के मालिक हैं।