सुरक्षा कारणों के चलते इंग्लैंड ने पाकिस्तान का दौरा करने से मना क्या किया. उसके अपने ही पूर्व क्रिकेटर अपने क्रिकेट बोर्ड (ECB) से नाराज हैं. अक्टूबर में इंग्लैंड की पुरुष और महिला टीमों को पाक दौरे पर आना था. लेकिन इससे पहले न्यूजीलैंड ने सीमित ओवरों का अपना दौरा रद्द क्या किया. इंग्लैंड ने भी अपनी टीमें वहां भेजने से साफ इनकार कर दिया. अब इंग्लैंड के कई पूर्व खिलाड़ी ही इस फैसले पर सवाल उठा रहे हैं. इंग्लैंड के पूर्व कप्तान माइक आर्थरटोन (Mike Atherton) ने इंग्लैंड एंड वेल्स क्रिकेट बोर्ड (ईसीबी) की चुप्पी पर उसकी आलोचना की है.

ईसीबी ने गत 20 सितंबर को घोषणा की थी कि सुरक्षा चिंताओं की वजह से इंग्लैंड का अक्टूबर में होने वाला पाकिस्तान दौरा रद्द किया जाता है. आर्थटोन ने कहा कि पाकिस्तान ने अपने देश में इंटरनेशनल क्रिकेट को वापस लाने के लिए बहुत कुछ किया है और वे बेहतर के हकदार हैं.

इस पूर्व कप्तान ने द टाइम्स में लिए लिखे अपने कॉलम में कहा, ‘ईसीबी की चुप्पी अजीब है. बोर्ड यह मानता है कि वह एक कमजोर, मृदुभाषी बयान देकर वह अच्छे के लिए उसके पीछे छिप सकता है, और कुछ नहीं कह सकता.’

उन्होंने आगे लिखा, ‘पाकिस्तान के क्रिकेटर्स, जिन्होंने खेल को वित्तीय तबाही से बचाने में मदद करने के लिए पिछली गर्मियों में बायोसिक्योर बबल में दो महीने बिताए, उनके प्रशासक, जिन्होंने क्रिकेट को उस देश में वापस लाने के लिए बहुत कुछ किया और समर्थक बेहतर के हकदार हैं. उस देश में खेल बेहतर का हकदार है.’

आर्थरटोन ने कहा कि पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) को ईसीबी द्वारा परस्पर विरोधी संकेत दिए जा रहे थे कि दौरा क्यों रद्द कर दिया गया और हर कोई दूसरे को जिम्मेदारी देने की कोशिश कर रहा था.

आथरट्रोन ने कहा, ‘पीसीबी के अध्यक्ष रमीज राजा (Ramiz Raja) ने इस सप्ताह खुलासा किया कि निर्णय इयान वॉटमोर के हाथों से बाहर था. जब पीसीबी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी वसीम खान (Wasim Khan) को ईसीबी के मुख्य परिचालन अधिकारी डेविड महोनी ने दौरा रद्द करने के बारे में कहा तो उन्होंने कोई विवरण नहीं दिया.’ आर्थरटोन ने कहा कि ईसीबी में कोई भी यह बताने के लिए आगे नहीं आया कि वास्तव में क्या हुआ और दौरा क्यों रद्द किया गया.

(इनपुट: आईएएनएस)