- क्रिकेट न्यूज़
- News
- Michael Clarke: India denied day-night match because they do not want to loose chance winning in Australia
ऑस्ट्रेलिया में डे-नाइट टेस्ट खेलने से इंकार किया तो माइकल क्लार्क ने बीसीसीआई को कहा ये
भारत को इस साल के अंतम में ऑस्ट्रेलिया जाकर गावस्कर बार्डर ट्राफी खेलनी है।
Published On May 09, 2018, 10:59 PM IST
Last UpdatedMay 09, 2018, 10:59 PM IST
माइकल क्लार्क © IANS
ऑस्ट्रेलिया के पूर्व कप्तान माइकल क्लार्क का मानना है कि भारत के डे-नाइट टेस्ट मैच खेलने से पीछे हटने में उसकी कुछ निश्चित वजहें हैं। उन्होंने कहा कि भारतीय टीम के पास ऑस्ट्रेलिया में पहली टेस्ट सीरीज जीतने का ‘अच्छा चांस’ है। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) ने क्रिकेट आस्ट्रेलिया (सीए) को आधिकारिक रूप से यह बता दिया है कि भारत दिसंबर में होने वाले ऑस्ट्रेलियाई दौरे पर कोई दिन-रात टेस्ट मैच नहीं खेलेगा। भारत को उस दौरे पर तीन मैचों की टेस्ट सीरीज खेलनी है।
क्लार्क ने इंडियन चेम्बर्स आफ कॉमर्स एंड यंग लीडर्स फोरम (वाईएलएफ) के संवाद सेशन के दौरान बुधवार को कहा, “मुझे लगता है कि भारत को पता है कि वह किन परिस्थितियां ऑस्ट्रेलिया को हरा सकता है। याद रहे कि भारत ने ऑस्ट्रेलिया को उसके घर में हराकर कभी सीरीज नहीं जीती है। यह उनका मौका है।”
क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया की इच्छा थी कि एडिलेड में डे-नाइट टेस्ट मैच खेलने की परंपरा जारी रखी जाए, इसलिए उसने भारत के साथ सीरीज के दौरान छह दिसंबर से शुरू होने वाले टेस्ट मैच को डे-नाइट में खेलने का प्रस्ताव दिया था। मुख्य कोच रवि शास्त्री की अध्यक्षता वाले भारतीय टीम प्रबंधन ने प्रशासकों की समिति (सीएओ) को बताया है कि डे-नाइट टेस्ट की तैयारी के लिए टीम को कम से कम 18 महीने का समय चाहिए।
डे-नाइट टेस्ट से भारत को ये नुकसान
अपनी कप्तानी में वर्ष 2015 में ऑस्ट्रेलिया को विश्व चैंपियन बना चुके क्लार्क ने कहा, “यदि भारत दिन में खेलता है तो विकेट फ्लैट होती है और गेंद अधिक टर्न करती है। लेकिन, रात में गेंद स्पिन नहीं होती है और विकेट में अधिक गीलापन देखने को मिलता है। इसलिए मैं समझ सकता हूं कि वे डे-नाइट टेस्ट क्यों नहीं खेलना चाहते हैं।” पूर्व कप्तान ने डे-नाइट टेस्ट का समर्थन करते हुए कहा कि भविष्य में इसे देखने के लिए अधिक से अधिक दर्शक देखने आएंगे।