ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ पर्थ टेस्ट के पहले दिन पार्ट टाइम स्पिन गेंदबाज हनुमा विहारी को मार्कस हैरिस और शॉन मार्श के विकेट निकालते देख भारतीय कप्तान विराट कोहली को जरूर रविंद्र जडेजा को ना खिलाने का फैसला याद आया होगा। ऐसा ही कुछ कहना है विश्व कप विजेता ऑस्ट्रेलियाई कप्तान माइकल क्लार्क का।

पर्थ टेस्ट के पहले दिन का खेल खत्म होने के बाद पोस्ट मैच कार्यक्रम में बात करते हुए क्लार्क ने कहा, “विहारी को विकेट लेता देख, मुझे इस बात में कोई शक नहीं रहा कि भारत ने एक और स्पिनर को ना खिलाकर गलती कर दी। मुझे लगता है कि रविंद्र जडेजा को यहां विकेट मिलते और विकेट को देखकर मैं कह सकता हूं कि नाथन लॉयन बड़ी भूमिका अदा करेगा।”

पर्थ टेस्ट: पहले दिन का खेल खत्‍म, ऑस्‍ट्रेलिया का स्‍कोर 6/277 रन

लॉयन ने एडिलेड ओवल में खेले गए पहले टेस्ट मैच में लॉयन ने 8 विकेट लिए थे। ऐसे में पर्थ टेस्ट में, जहां आखिर में टीम इंडिया को चौथी पारी में बल्लेबाजी करनी है, लॉयन अपनी टीम के लिए बेहद अहम साबित होंगे। बता दें कि चोट के चलते टीम इंडिया के प्रमुख स्पिनर रविचंद्रन अश्विन ये मैच नहीं खेल रहे हैं। ऐसे में जडेजा ही दूसरा और सबसे अच्छा विकल्प थे, जिसे कप्तान और मैनेजमेंट ने नजरअंदाज किया।

पूर्व ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेटर माइकल हसी ने भी क्लार्क से सहमति जताई। कार्यक्रम के दौरान हसी ने कहा, “अश्विन जैसे किसी का होना अच्छा रहता, मुझे पता है कि इस टेस्ट के लिए उनके पास जडेजा का विकल्प था, जिससे दबाव बना रहता और तेज गेंदबाजों को रोटेट करने में आसानी होती। मुझे लगता है कि लॉयन इस मैच में बड़ी भूमिका अदा करेगा।”