जेम्स एंडरसन © Getty Images
जेम्स एंडरसन © Getty Images

वेस्टइंडीज के खिलाफ तीसरे टेस्ट में कैरेबियन बल्लेबाज क्रेग ब्रैथवेट को बोल्ड करते ही जेम्स एंडरसन ने इंग्लैंड क्रिकेट इतिहास में अपना नाम हमेशा के लिए दर्ज कर लिया। एंडरसन 500 टेस्ट विकेट लेने वाले पहले इंग्लिश क्रिकेटर हैं, ये उनके करियर की बड़ी उपलब्धि है लेकिन एंडरसन का कहना है कि वह उपलब्धियों के लिए क्रिकेट नहीं खेलते। मैच के बाद मीडिया से बातचीत में एंडरसन ने कहा, “कीर्तिमान अच्छे होते हैं लेकिन ये मुझे प्रेरित नहीं करते। मैं इंग्लैंड के लिए मैच जीतना चाहता हूं, ये मेरी प्रेरणा हैं और इसके लिए मैं हर दिन खुद को लगातार बेहतर बनाने की कोशिश करता हूं।” [ये भी पढ़ें: इंग्लैंड बनाम वेस्टइंडीज, तीसरा टेस्ट: जेम्स एंडरसन के 500 टेस्ट विकेट पूरे]

एंडरसन का कहना है कि वह पूरी तरह फिट हैं और अभी कुछ और सालों तक क्रिकेट खेल सकते हैं। एंडरसन ने बताया कि लॉर्ड्स के मैदान पर अपना 500वां विकेट लेना उनके लिए खास था। 2003 में लॉर्ड्स के मैदान पर टेस्ट डेब्यू करने वाले एंडरसन ने कहा, “मुझे अपना पहला विकेट अच्छे से याद है। मैं समझ सकता हूं कि इस मैदान पर अपना पहला पांच विकेट हॉल लेना कीमार रोच के लिए कैसा होगा। अपना नाम इस मैदान के इतिहास में दर्ज करना ऐसा लगता है, इसलिए मैं बहुत भाग्यशाली हूं जो इस मैदान पर मुझे विकेट मिले।” एंडरसन के इस ऐतिहासिक पल को देखने के लिए स्टेडियम में उनका पूरा परिवार मौजूद था।

इस बारे में बात करते हुए एंडरसन ने कहा, “मैं मैदान पर काफी भावुक हो गया था क्योंकि मुझे पता था कि मेरा पूरा परिवार यहां है। मेरे बच्चे, मेरी मां, पापा और मेरी पत्नी। ये जानना कि वो सब यहां हैं मेरे लिए बहुत खास था। जिन खिलाड़ियों के साथ मैने 100 से ज्यादा टेस्ट खेले हैं उनके साथ ये पल बांटना बेहतरीन एहसास था।” एंडरसन का मानना है कि इस कीर्तिमान के पूरा होने से उन्हें राहत मिली है और अब वह खेल पर ज्यादा ध्यान दे सकेंगे।