पाकिस्तान क्रिकेट टीम के अंदर किस तरह की गुटबाजी होती है, इसका एक नमूना तब देखने को मिला जब पूर्व कप्तान मोहम्मद यूसुफ (Mohammad Yusuf) ने चौंकाने वाला खुलासा किया है। उन्होंने कहा कि साल 2009 में तत्कालीन कप्तान यूनुस खान (Younus Khan) के खिलाफ खिलाड़ियों की बगावत को भड़काने का काम मिस्बाह-उल-हक (Misbah-ul-haq) ने किया था।

पाकिस्तानी मीडिया में प्रकाशित रिपोर्ट के अनुसार, एक निजी टीवी चैनल को दिए साक्षात्कार में यूसुफ ने यह बात बताई। उन्होंने कहा कि यूनुस और मिस्बाह के बीच तकरार 2009 के टी-20 विश्व कप में हुई थी।

एक मैच के बाद यूनुस ने मिस्बाह को उनकी धीमी बल्लेबाजी के लिए कस कर डांटा था। इस पर मिस्बाह ने पलटकर कहा था कि ‘तुमने (यूनुस ने) भी तो इसके पहले वाले मैच में सुस्त बल्लेबाजी की थी।’ यूसुफ ने कहा कि यूनुस खिलाड़ियों के साथ सख्ती से पेश आते थे और कहते थे कि ऐसा करना जरूरी है।

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रिपोर्ट में यूसुफ के हवाले से बताया गया कि इसी साल श्रीलंका के दौरे पर यूनुस और मिस्बाह के रिश्ते और बिगड़े। यह पूछे जाने पर किया क्या श्रीलंका दौरे के दौरान यूनुस के खिलाफ गोलबंदी के दौरान खिलाड़ियों के एक गुट ने कुरान पर हाथ रखकर कसम खाई थी, यूसुफ ने कहा कि इन खिलाड़ियों को कमरे में मिस्बाह-उल-हक लेकर आए थे और (टीम सदस्य) शोएब मलिक ने उनसे कुरान पर हाथ रखकर शपथ लेने को कहा था।