मिस्बाह उल हक और यूनिस खान © Getty Images
मिस्बाह उल हक और यूनिस खान © Getty Images

अपने करियर का आखिरी टेस्ट मैच जीतने वाले पाकिस्तान क्रिकेट टीम के कप्तान मिस्बाह उल-हक के नेतृत्व में पाकिस्तान ने वेस्टइंडीज के खिलाफ खेली गई तीन टेस्ट मैचों की श्रृंखला को 2-1 से अपने नाम कर ऐतिहासिक जीत हासिल की है। इस जीत से खुश मिस्बाह ने कहा कि उनके लिए टेस्ट करियर का समापन शानदार तरीके से हुआ है और वो इससे बेहतर विदाई की उम्मीद नहीं कर सकते थे। पाकिस्तानी टेस्ट क्रिकेट के इतिहास के सबसे सफल बल्लेबाज यूनिस खान ने भी क्रिकेट को अलविदा कहने के बाद कहा है कि अगर वो कप्तानी नहीं छोड़ते तो शायद इतने ज्यादा रन नहीं बना पाते।

मिस्बाह-उल-हक का बयान

मिस्बाह ने कहा, “मैंने अपने जीवन में जो भी सफलता हासिल की है और जो भी चीजें करियर के दौरान मुझे मिली, उन सब के लिए मैं अल्लाह को शुक्रिया कहना चाहता हूं। टेस्ट क्रिकेट करियर का ऐसे शानदार समापन से अधिक की उम्मीद नहीं कर सकता था। मैं अपने परिवार, मेरी मां, मेरी बहन और खासकर मेरी पत्नी उजमा से मिले समर्थन के लिए शुक्रगुजार हूं। इस सीरीज को मैंने खास तौर पर अपनी पत्नी के लिए खेला है। मैं अपने टेस्ट करियर का समापन ऑस्ट्रेलिया में कर सकता था।”

कप्तान मिस्बाह ने कहा कि उनकी पत्नी के साथ-साथ प्रशंसकों और टीम के साथी खिलाड़ियों ने भी उन्हें यहीं सलाह दी कि उन्हें अपने करियर का समापन शानदार प्रदर्शन और जीत के साथ करना चाहिए। वेस्टइंडीज में पाकिस्तान ने पहली श्रृंखला जीती है। मिस्बाह ने कहा कि इस श्रृंखला को जीतने और उन्हें तथा यूनिस को शानदार विदाई देने के लिए टीम के खिलाड़ियों ने बहुत मेहनत की। ये भी पढ़ें-अपने आखिरी टेस्ट में मिला खास तोहफा नहीं भूलेंगे यूनिस खान और मिस्बाह उल हक!

यूनिस खान का बयान

पाकिस्तान के सबसे सफल टेस्ट बल्लेबाज यूनिस खान ने कहा “लोग मुझसे कहते हैं कि मुझे ज्यादा कप्तानी करनी चाहिए थी लेकिन मेरा मानना है कि जो होता है अच्छे के लिए होता है। हो सकता है कि अगर मैं कप्तान होता तो इतने रन नहीं बना पाता। लोगों का मानना है कि शायद मुझे इस बात पछतावा है लेकिन, नहीं।” उन्होंने कहा, “अगर मैं ज्यादा दिनों तक कप्तान रहता तो शायद जिम्मेदारियों के कारण मेरा ध्यान भटक जाता।” यूनिस की कप्तानी में ही पाकिस्तान ने 2009 में टी-20 विश्व कप जीता था और उन्होंने नवंबर-2009 में ही कप्तानी छोड़ दी थी।

यूनिस खान ने कहा, “मैंने जितनी भी क्रिकेट खेली है, चाहे वो क्लब क्रिकेट हो, चाहे देश के लिए या कहीं और, मैं जहां गया हूं अगर आप उन लोगों से पूछेंगे तो लोग ये नहीं कह पाएंगे कि यूनिस ने कुछ कमी छोड़ी है। मैं जहां भी खेला वहां अपना 200 प्रतिशत दिया।”