Mitchell Starc fears saliva ban will deteriorate the balance between bat and ball; Misbah ul Haq advocates for Wearing a mask
मिशेल स्टार्क © Getty Images

गेंद को चमकाने के लिए सलाइवा पर बैन लगाया जाता है तो इससे खेल में लोगों की रुचि कम होगी। ये मानना है ऑस्ट्रेलिया के तेज गेंदबाज मिशेल स्टार्क का। 30 साल के स्टार्क ने कहा है कि बीते दो साल में ऑस्ट्रेलिया में जिस तरह की विकेट तैयार की जा रही हैं उसे देखते हुए सलाइवा का उपयोग प्रतिस्पर्धा को बनाए रखने के लिए बेहद जरूरी है।

स्टार्क ने संवाददाताओं से एक वीडियो इंटरव्यू में कहा, “बल्ले और गेंद के बीच जो प्रतिस्पर्धा होती है, हम उसे खोना नहीं चाहते। इसलिए गेंद को स्विंग कराने के लिए कुछ तो होना चाहिए। उन्होंने कहा है कि ये सिर्फ कुछ दिनों के लिए होगा और जैसे ही विश्व सामान्य स्थिति में लौटेगा सलाइवा का उपयोग किया जा सकेगा।”

आईसीसी की क्रिकेट समिति ने कोविड-19 के बाद खेल के दोबारा शुरू होने पर सलाइवा को बैन करने की सिफारिश की है। बाएं हाथ के इस गेंदबाज ने कहा, “हम इसे खोना नहीं चाहते और न ही इसे कम होते हुए देखना चाहते हैं। इसलिए गेंद को स्विंग कराने के लिए कुछ तो होना चाहिए। अन्यथा लोग इसे दखेंगे नहीं और बच्चे गेंदबाज नहीं बनना चाहेंगे। आस्ट्रेलिया में बीते कुछ साल में हमने काफी फ्लेट विकेट देखी हैं और अगर गेंद सीधी जाती है तो यह काफी बोरिंग होगा।”

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वहीं पाकिस्तान क्रिकेट टीम के कोच मिस्बाह उल हक ने कहा कि अगर गेंदबाजों को सलाइवा का इस्तेमाल करने से रोकना है तो उन्हें मास्क पहना देने चाहिए।

मिस्बाह ने यूट्यूब चैनल क्रिकेटबाज पर कहा, “बिना सलाइवा के गेंदबाजी करना आसान नहीं रहेगा। यह वो आदत है जो खिलाड़ी काफी लंबे समय से पाले आ रहे हैं। अगर खिलाड़ी नए नियमों को ध्यान में भी रखता है तो भी एक-दो बार वह अपने-आप कोशिश करेगा। हमें इसे रोकने के लिए कुछ करना होगा। जैसे कि गेंदबाजों को मास्क पहना दो या कुछ और पाबंदी ताकि वो सलाइवा का उपयोग न करें।”