Bharat Malhotra
Bharat Malhotra अभी cricketcountry.com की हिंदी टीम का हिस्सा हैं. भारत के पास डिजिटल मीडिया में करीब 17 साल का अनुभव है. साल 2008 में आ ...Read More
Written by Bharat Malhotra
Last Updated on - November 21, 2025 12:00 PM IST

यह मिशेल स्टार्क का दिन था. और ऑस्ट्रेलिया के इस पेसर ने इसका क्या खूब फायदा उठाया. पर्थ के मैदान पर एशेज टेस्ट सीरीज के पहले मैच में ऑस्ट्रेलिया ने इंग्लैंड को बैकफुट पर धकेल दिया. स्टार्क ने पारी में सात विकेट लिए. और स्टार्क के करियर में यह पहला मौका था जब उन्होंने पारी में सात विकेट लिए. एशेज का पहला दिन और स्टार्क ने धुआं उठा दिया. ऑस्ट्रेलियाई टीम में पैट कमिंस और जोश हेजलवुड नहीं थे. चोट के चलते बाहर थे. ऐसे वक्त पर स्टार्क ने जिम्मेदारी उठाई. और इंग्लैंड की पारी को ध्वस्त कर दिया.
सिर्फ 32.5 ओवर लगे ऑस्ट्रेलिया को पर्थ टेस्ट में इंग्लैंड की पहली पारी को समेटने में. और बाएं हाथ के पेसर मिशेल स्टार्क ने अपने करियर का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करते हुए सात विकेट लिए. 12.5 ओवर 58 रन और सात विकेट. स्टार्क की आग उगलती गेंदों के सामने इंग्लैंड के बल्लेबाज कभी भी सहज होते नहीं दिखे. हां, इंग्लैंड खेला अपने अंदाज में. आक्रामक और जवाबी हमले वाला. टीम ने 172 रन बनाए. रनरेट रहा 5.24 का. यानी विकेट गिरने के बीच भी रन बनाने की रफ्तार तेज रही.
स्टार्क ने शुरुआत वैसे ही की जैसी उन्होंने पिछली घरेलू एशेज में की थी. पिछली बार उन्होंने सीरीज की पहली ही गेंद पर रोरी बर्न्स को आउट किया था इस बार पहले ओवर में जैक क्राउली को पविलियन की राह दिखाई. विकेट गिरते गए और इंग्लैंड की टीम बेपटरी होती गई. सबसे बड़ा जो रूट का रहा. इंग्लैंड के इस धुरंधर ने ऑस्ट्रेलिया में कभी टेस्ट सैकड़ा नहीं लगाया है. और पर्थ में पहली पारी में वह खाता भी नहीं खोल पाए. सातवीं गेंद उन्हें छोड़ते हुए निकली और स्लिप में मार्नस लाबुशेन ने उनका आसान सा कैच लपका.
इंग्लैंड के लिए हैरी ब्रूक और जेमी स्मिथ ने जवाबी हमला किया लेकिन डेब्यू कर रहे डॉगेट ने हाफ सेंचुरी पूरी कर चुकी इस साझेदारी को तोड़ा. ऑस्ट्रेलिया ने फिर आजमाया अपना खतरनाक हथियार. शॉर्ट पिच गेंदों से ब्रूक को फंसाना चाहा. और इंग्लैंड इस जाल में फंसता ही चला गया. ब्रूक ने 52 रन बनाए. उनकी काउंटर अटैकिंग बैटिंग ने इंग्लैंड को कुछ राहत दी. लेकिन बैजबॉल आखिर ज्यादा हावी हो गया. इस नाम पर इंग्लैंड ने कई विकेट खोए. कई शॉट ऐसे थे जो बेकार में खेले गए. इसके बाद इंग्लैंड के खेलने का यह तरीका एक बार फिर सवालों के घेरे में है. क्या टेस्ट में रोमांच के चक्कर में यह अति आक्रामकता तो नहीं हो रही.
अब यह देखना होगा कि ऑस्ट्रेलिया अपने गेंदबाजों के प्रदर्शन का फायदा कैसे उठाता है.
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