भारतीय क्रिकेटर होने के बावजूद मैने ट्रेन में अनारक्षित सीटों पर यात्रा की है: मिताली राज

भारतीय महिला टीम की कप्तान होने के बाद भी मिताली को कई बार अनारक्षित सीट पर ट्रेन यात्रा की है।

Edited By : Press Trust of India |Dec 10, 2017, 12:15 AM IST

Published On Dec 10, 2017, 12:15 AM IST

Last UpdatedDec 10, 2017, 12:15 AM IST

मिताली राज © Getty Images

भारतीय महिला क्रिकेट टीम की कप्तान मिताली राज ने आज अपने सफर को याद किया। इस दौरान उन्होंने खुलासा किया कि भारतीय खिलाड़ी के रूप में उन्होंने ट्रेन में अनारक्षित सीट पर भी यात्रा की। मिताली ने यहां ‘वी द वुमेन’ पहल के एक सेशन के दौरान कहा, ‘‘मेरे सफर के दौरान मुझे काफी संघर्ष करना पड़ा। अब हम बीसीसीआई के अंतर्गत हैं लेकिन उस समय (जब महिला खिलाड़ी बीसीसीआई के अंतर्गत नहीं थे) हमें खिलाड़ी के रूप में मूलभूत सुविधाएं भी नहीं मिलती थी। भारतीय क्रिकेटर के रूप में मैंने हैदराबाद से दिल्ली की यात्रा रेल से अनारक्षित सीट पर की। पुरुषों के साथ ऐसा कभी नहीं हुआ।’’

[link-to-post url=”https://www.cricketcountry.com/hi/news/happy-birthday-mithali-raj-sachin-tendulkar-suresh-raina-and-others-wishes-the-queen-of-cool-665627″][/link-to-post]

Add Cricket Country as a Preferred Source add cricketcountry as a preferred source

जोधपुर में जन्मीं मिताली ने कहा, ‘‘यही राहुल द्रविड़ ने कहा। भारतीय खिलाड़ी के रूप में उन्होंने कभी रेल से यात्रा नहीं की। लेकिन मैंने की। लेकिन इन मुश्किलों ने हमें मजबूत बनाया। महिला के रूप में हमें शुरुआत में इतनी ज्यादा चुनौतियों का सामना करना पड़ा, इसके बाद जब हम परिपक्व हुए और चुनौतियों को स्वीकार किया, इसलिए हम मानसिक रूप से मजबूत हुए।’’ मिताली फिलहाल आईसीसी वनडे रैंकिंग में नंबर एक महिला बल्लेबाज हैं। साथ ही वनडे क्रिकेट में 6,000 रन बनाने वाली वह पहली महिला क्रिकेटर हैं।

मिताली ने याद किया कि किस तरह उनके दादा-दादी उनके खेल से जुड़ने में सहज नहीं थे। उन्होंने कहा, “क्योंकि मैं दक्षिण भारत से हूं, मेरे दादा-दारी मेरे क्रिकेट खेलने के खिलाफ थे। मेरे माता-पिता को बहुत कुछ सहना पड़ा लेकिन वह इस संघर्ष से और मजबूत हुए और मुझे कभी नकारात्मकता का सामना नहीं करना पड़ा।”

Editor's Pick