2021 विश्व कप खेल सकती हैं मिताली राज

टीम इंडिया की कप्तान ने कहा कि फॉर्म और फिटनेस रहने पर वह अपने छठें विश्व कप का हिस्सा बन सकती हैं।

Edited By : Press Trust of India |Oct 09, 2017, 06:46 PM IST

Published On Oct 09, 2017, 06:46 PM IST

Last UpdatedOct 09, 2017, 06:46 PM IST

मिताली राज © Getty Images

भारतीय महिला क्रिकेट टीम की कप्तान मिताली राज ने 2021 विश्व कप खेलने का इशारा किया है। हालांकि उन्होंने ये भी साफ कहा है कि ये फैसला उनकी फार्म और फिटनेस पर निर्भर करता है। इस साल जून-जुलाई में इंग्लैंड में हुए विश्व कप में मिताली की कप्तानी में भारतीय टीम ने फाइनल में जगह बनाई थी। टूर्नामेंट शुरू होने से पहले उन्होंने कहा था कि यह उनका आखिरी विश्व कप होगा लेकिन अब लगता है कि वनडे क्रिकेट में सर्वाधिक रन बनाने वाली इस बल्लेबाज ने अपना मन बदल लिया है।

पीटीआई ने मिताली के हवाले से लिखा, “मैंने अगले विश्व कप में खेलने के विचार को पूरी तरह खारिज नहीं किया है लेकिन विश्व कप तक पहुंचने के लिए मुझे पहले अगले तीन सालों से गुजरना होगा। मेरे लिए यह देखना जरूरी होगा कि तब तक मेरी फार्म कैसी रहती है, इसलिए अभी मैं अभी टी20 विश्व कप और 2018 के बाकी मैचों के बारे में सोच रही हूं।” भारतीय टीम ने जुलाई में विश्व कप खत्म होने के बाद से कोई मैच नहीं खेला है और टीम अपनी अगली सीरीज फरवरी में ही खेलेगी। मिताली ने कहा कि खिलाड़ा दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ आईसीसी चैंपियनशिप की अपनी पहली सीरीज की तैयारी दिसंबर में शुरू करेंगे। इस चैंपियनशिप में भारत को दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ 5 से 10 फरवरी तक तीन मैचों की सीरीज खेलनी है। [ये भी पढ़ें: 11 अक्टूबर से शुरू होगी आईसीसी विमेन चैंपियनशिप]

Add Cricket Country as a Preferred Source add cricketcountry as a preferred source

उन्होंने कहा, “घरेलू सीजन की शुरुआत दिसंबर में होगी और यह दक्षिण अफ्रीका दौरे की तैयारी में मदद करेगा। इसके जरिए खिलाड़ी तीन महीने के ब्रेक के बाद दोबारा लय हासिल करने की कोशिश करेंगे।” महिला क्रिकेट को बढ़ावा देने के लिए आईसीसी सीमित ओवरों के फॉर्मेट का इस्तेमाल कर रहा है और इस दौरान काफी कम टेस्ट मैच हो रहे हैं। इस बारे में मिताली ने कहा कि टेस्ट क्रिकेट में खिलाड़ी की सबसे कठिन परीक्षा होती है। उन्होंने कहा, “अगर आपको अच्छी बुनियाद चाहिए तो टेस्ट मैच किसी भी खिलाड़ी के लिए वनडे और टी20 से अधिक चुनौतीपूर्ण होता है।”

Editor's Pick