मिताली राज  © Getty Images
मिताली राज © Getty Images

टीम इंडिया ने आईसीसी महिला विश्व के अपने पहले मैच में मेजबान इंग्लैंड को 35 रनों से हराकर टूर्नामेंट का शानदार आगाज किया है। इस मैच टीम इंडिया ने कई रिकॉर्ड बनाए। सबसे पहले तो सलामी बल्लेबाज स्मृति मंधना ने विश्व कप के पूरे इतिहास में पहले 10 ओवर में छक्का लगाने वाली पहली खिलाड़ी बनने का कीर्तिमान हासिल किया। उनकी 90 रनों की पारी की बदौलत टीम इंडिया ने 3 विकेट के नुकसान पर 281 रन बनाए जो कि पहले बल्लेबाजी करते हुए टीम इंडिया का सर्वश्रेष्ठ स्कोर है। इसी मैच में कप्तान मिताली राज भी 71 रनों की पारी खेल लगातार सात अर्धशतक लगाने वाली पहली महिला क्रिकेटर बनी। मैच के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने टीम की जीत और अपने प्रदर्शन की बात की।

मिताली राज ने अपने विश्व रिकॉर्ड के बारे में बात करते हुए कहा, “मैं बिल्कुल नहीं चाहती कि ये मुझे बार- बार याद दिलाया जाए लेकिन रन बनाना हमेशा ही अच्छा लगता है। विश्व कप में अपनी टीम के लिए रन बनाना और भी अच्छा लगता है खासकर जब आपकी टीम इतना अच्छा प्रदर्शन कर रही हो। मैं आशा करती हूं कि ये प्रदर्शन आगे भी जारी रखा पाऊं।” [ये भी पढ़ें: विश्व रिकॉर्ड बनाने से पहले यूं नजर आईं कप्तान मिताली राज]

मिताली ने दोनों सलामी बल्लेबाज स्मृति और पूनम राउत को जीत का श्रेय दिया। उन्होंने कहा, “जिस तरह से दोनों ने पारी की शुरुआत की ऐसा लग ही नहीं रहा था कि वे विश्व कप खेल रही हैं या उनपर कोई दबाव है, वो भी ऐसी पिच पर जहां गेंदबाजों को मदद मिल रही थी जिस वजह से इंग्लैंड ने पहले गेंदबाजी का चयन किया था। उन्होंने अपना स्वभाविक खेल खेला और 25 ओवर तक बल्लेबाजी की।”

उन्होंने साझेदारियों के महत्व पर कहा, “अगर आधे ओवर आपके सलामी बल्लेबाज खेल जाते हैं तो इससे अच्छी कोई शुरुआत हो ही नहीं सकती। हमारी कोशिश रहेगी कि टूर्नामेंट में आगे भी इसी तरह की साझेदारियां बना सकें। अगर सलामी बल्लेबाज मजबूत साझेदारी बनाती हैं तो मध्य क्रम सही समय पर बल्लेबाजी करने आ पाता है और स्थिति का फायदा उठा पाता है। इससे 250 से ज्यादा का स्कोर बना पाना आसान हो जाता है जो कि महिला क्रिकेट के नजरिए से काफी अच्छा है।” [ये भी पढ़ें: महिला वर्ल्ड कप के पहले मैच में टीम इंडिया की धमाकेदार जीत]

वहीं महिला क्रिकेट में हाल ही लाए गए डीआरएस को लेकर भी मिताली काफी खुश हैं। उनका कहना है कि ये एक अच्छी शुरुआत है। इससे करीबी मामलों में सही फैसला लेने में काफी मदद मिलती है।