कप्तानी से हटाने और T20 टीम से बाहर किए जाने की उम्मीद थी: मिताली राज
भारतीय महिला वनडे टीम की कप्तान मिताली राज ने कहा कि टी20 विश्व कप में हुए विवाद के बाद उन्हें अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट खेलने की उम्मीद नहीं थी।
Published On Jan 06, 2019, 11:13 AM IST
Last UpdatedJan 06, 2019, 11:13 AM IST
Mithali Raj © Getty Images
भारतीय महिला क्रिकेट टीम की कप्तान मिताली राज ने बयान दिया है कि टी20 विश्व कप सेमीफाइनल में उन्हें ना खिलाए जाने को लेकर हुए विवाद उन्हें अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट खेलने की कोई उम्मीद नहीं थी। मिताली राज को लगा था इस विवाद के बाद उन्हें वनडे की कप्तान से हटाकर टी20 टीम से भी बाहर कर दिया जाएगा।
ये भी पढ़ें: हरमनप्रीत कौर ने कहा, ‘मेरे और मिताली राज के बीच कोई विवाद नहीं’
द हिंदू को दिए बयान में मिताली राज ने कहा, “ईमानदारी से कहूं तो मुझे लगा था कि मुझे टी20 टीम से निकाल दिया जाएगा और वनडे की कप्तानी से हटा दिया जाएगा। मुझे उम्मीद नहीं थी कि मैं फिर कभी अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट खेलूंगी।”
मिताली राज ने टी20 कप्तान हरमनप्रीत कौर से विवाद की खबरों के बारे में कहा, “मैं कभी किसी की कप्तानी का अपमान नहीं किया ना ही किसी खिलाड़ी के खिलाफ बदले की भावना रखी है। कुछ खिलाड़ी हैं जो मेरे खिलाफ बोलते हैं। फिर भी, कल अगर मुझे उनके खिलाफ कुछ करने का मौका मिलेगा तो मैं उनकी मदद जरूर करूंगी। मैं फिटनेस को लेकर टीम पर बोझ ना बनने की कोशिश कर रही हूं। जब मैं विकेट के बीच दौड़ रही हूं तो मेरे साथी खिलाड़ी को विश्वास होना चाहिए कि मैं रन पूरा कर सकती हूं।”
मिताली इन सारे विवादों को पीछे छोड़कर आगामी न्यूजीलैंड सीरीज पर ध्यान देना चाहती हैं। वनडे कप्तान ने कहा, “मैंने अतीत में काफी मुश्किलों का सामना किया है लेकिन इस बार ये सब सार्वजनिक तौर पर हुआ। कई लोग इससे दुखी हुए। ये मेरे लिए सबसे चुनौतीपूर्ण समय था। मैं महिला क्रिकेट को लेकर फैलाई जा रही नकारात्मक छवि को लेकर बहुत निराश ही और उससे बढ़कर इस बात से कि मेरे साथ इस तरह का सुलूक किया जा रहा है। बात मेरे बल्लेबाजी स्थान की नहीं थी, उसे लेकर मैं कभी परेशान नहीं थी लेकिन बात थी जीतने वाली टीम का हिस्सा बनने की। बात रवैये और व्यवहार की थी।”
कप्तान ने आगे कहा, “मुझे नहीं पता कि क्या ये बात जानबूझकर फैलाई जा रही थी कि मुझे अपने बल्लेबाजी नंबर की ज्यादा फिक्र थी। मैंने पिछले सालों में वनडे टीम में अलग अलग नंबर पर बल्लेबाजी की है। इस तरह के मुश्किल समय में धैर्य रखना सबसे मुश्किल काम होता है।”