भारतीय टीम में चयन के लिए यो-यो टेस्‍ट अब अनिवार्य है. इस टेस्‍ट में फेल होने के चलते ही अंबाती रायडू और युवराज सिंह जैसे खिलाड़ियों को टीम से बाहर का रास्‍ता दिखाया गया था, जिसे लेकर काफी विवाद भी हुआ था. मध्‍यक्रम के बल्‍लेबाज रहे मोहममद कैफ (Mohammad Kaif) का मानना है अगर उनके समय में ये टेस्‍ट होता तो केवल लक्ष्‍मपति बालाजी (Laxmipati Balaji) और युवराज (Yuvraj Singh) ही इसे पास कर पाते.

हेलो एप पर बातचीत के दौरा मोहम्‍मद (Mohammad Kaif) कैफ ने कहा, “खिलाड़ियों के लिए फिटनेस काफी महत्‍वपूर्ण है. अगर हमारे समय में यह टेस्‍ट होता तो मैं और बालजी तो इसे पूरा कर ही लेती. युवराज सिंह भी काफी अच्‍छा था. मुझे नहीं लगता कि उस वक्‍त टीम में मौजूदा अन्‍य खिलाड़ी इसे पास कर पाते.”

यो-यो टेस्‍ट में फेल होने के कारण ही साल 2008 में टीम में चयन होने के बावजूद अंबाती रायडू का इंग्‍लैंड का टिकट नहीं दिया गया था. इसके बाद कहा गया कि टीम चयन के लिए उपलब्‍ध होने से पूर्व हर खिलाड़ी के लिए यो-यो टेस्‍ट पास करना अनिवार्य होगा.

मोहम्‍मद कैफ (Mohammad Kaif) के ताजा बयान से निशाना सौरव गांगुली, सचिन तेंदुलकर, राहुल द्रविड़, अनिल कुंबले जैसे खिलाड़ियों की तरफ है, जो उनके समय में क्रिकेट खेला करते थे. एक समय में वीरेंद्र सहवाग के बढ़ते मोटापे पर भी सवाल उठने लगे थे. कैफ मानते हैं कि ये खिलाड़ी शायद यो-यो टेस्‍ट पास नहीं कर पाते.

बीते दिनों एक इंटरव्‍यू के दौरान युवराज सिंह ने आरोप लगाए थे कि उन्‍होंने यो-यो टेस्‍ट पास कर लिया था. इसके बावजूद भी उन्‍हें टीम में नहीं लिया गया.