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- Mohammed Kaif Revealed the reason behind Yashasvi Jaiswal Dropped So many Catches in Headingley test
ENG vs IND: यशस्वी जायसवाल ने क्यों छोड़े कैच, मोहम्मद कैफ ने बताई हाथों में छुपी 'समस्या'
लीड्स टेस्ट में भारत की हार की बड़ी वजह टीम की खराब फील्डिंग भी रही. भारत ने इस मैच में कई कैच छोड़े. यशस्वी जायसवाल ने भी कई मौके गंवाए. और अब टीम के पूर्व खिलाड़ी मोहम्मद कैफ, जो खुद एक बड़े फील्डर थे, ने बताया है कि आखिर जायसवाल ने क्या गलती की.
Published On Jun 26, 2025, 08:28 AM IST
Last UpdatedJun 26, 2025, 08:28 AM IST
Yashasvi Jaiswal
इंग्लैंड के खिलाफ लीड्स टेस्ट में भारत की हार की बड़ी वजह उसकी खराब फील्डिंग भी रही. टीम इंडिया ने इस मैच में कई कैच छोड़े जिसका खमियाजा उसे भुगतना पड़ा. अकेले यशस्वी जायसवाल ने चार कैच छोड़े. और मैच के अहम पड़ावों पर छोड़े गए ये कैच टीम को बहुत भारी पड़े. हालांकि जायसवाल ने भारत की पहली पारी में कमाल की सेंचुरी भी लगाई लेकिन उनके द्वारा छोड़े गए ये चार कैच बहुत अधिक चर्चा में रहे.
भारतीय टीम के पूर्व क्रिकेटर मोहम्मद कैफ ने जायसवाल के कैच छोड़ने की वजहों पर चर्चा की. उन्होंने जायसवाल की उंगलियों में बंधे स्ट्रैप्स को कैच छूटने की एक संभावित वजह बताया. कैफ का कहना है कि शायद इससे जायसवाल का ध्यान भटका हो. उन्होंने कहा कि एक बार जब स्ट्रैप बंध जाता है तो उंगलियां अटक जाती हैं और आजादी से नहीं घूम सकतीं. उन्होंने कहा कि स्ट्रैप एक स्पंज की तरह बन जाता है और कई बार गेंद को पकड़ना मुश्किल हो जाता है क्योंकि गेंद के साथ कोई नैसर्गिक कनेक्शन नहीं होता.
अपने यूट्यूब चैनल पर कैफ ने कहा, ‘यशस्वी जायसवाल कैच क्यों छोड़ रहे हैं? हम ड्यूक बॉल के साथ प्रैक्टिस कर रहे हैं और जब हमें चोट लगती है तो हम स्ट्रैप बांध लेते हैं. ऐसी परिस्थिति में, उंगलियां अटक जाती हैं और फिर वे आसानी से नहीं हिलतीं. आप कैच को पकड़े नहीं रख पाते क्योंकि स्ट्रैप एक तरह का स्पंज बन जाती हैं. गेंद इससे लगकर उछल जाती है, तो यह एक नुकसान है. गेंद के साथ नेचुरल कनेक्शन नहीं जाना चाहिए.’
सिर्फ जायसवाल ही नहीं रविंद्र जड़ेजा जैसे चोटी के फील्डर ने भी कैच छोड़े. ऋषभ पंत और जसप्रीत बुमराह ने भी इंग्लैंड के बल्लेबाजों को जीवनदान दिया. और अंत में इंग्लैंड ने भारत के खिलाफ ऐतिहासिक जीत हासिल की. भारत के लिए चिंता की बात यह है कि बुमराह बाकी बचे चार में से दो ही मैचों में खेलेंगे.