Bharat Malhotra
Bharat Malhotra अभी cricketcountry.com की हिंदी टीम का हिस्सा हैं. भारत के पास डिजिटल मीडिया में करीब 17 साल का अनुभव है. साल 2008 में आ ...Read More
Written by Bharat Malhotra
Last Updated on - November 21, 2025 1:23 PM IST

भारतीय टीम के पूर्व बल्लेबाज मनोज तिवारी ने भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड पर निशाना साधा है. तिवारी इस बात से नाराज हैं कि नैशनल सिलेक्टर्स मोहम्मद शमी को लगातार नजरअंदाज कर रहे हैं. शमी ने घरेलू क्रिकेट में बंगाल के लिए अच्छा प्रदर्शन करने के बाद भी राष्ट्रीय टीम में जगह नहीं मिल रही है. तिवारी का यह तक मानना है कि सिलेक्टर्स इस मामले में पारदर्शिता नहीं रख पा रहे हैं. उन्होंने यह भी उम्मीद जताई कि इस अनुभवी गेंदबाज के साथ सिलेक्टर्स का संवाद भी पूरा नहीं है.
साल 2023 के वनडे वर्ल्ड कप में शमी का प्रदर्शन बहुत अच्छा रहा था. इसके बाद से वह लगातार चोट से जूझ रहे हैं. शमी को सर्जरी से भी गुजरना पड़ा. हालांकि काफी वक्त रीहैबलिटेशन में गुजारने के बाद वह राष्ट्रीय टीम में लौटे. वह 2025 में चैंपियंस ट्रॉफी जीतने वाली भारतीय टीम का हिस्सा थे. हालांकि इसके बाद से शमी भारतीय टीम में अपनी जगह बनाने में सफल नहीं हो पा रहे हैं. टेस्ट टीम में शमी को मौका नहीं मिल रहा है. हालांकि टेस्ट क्रिकेट में भारतीय टीम में अनुभवी पेसर्स की कमी खास तौर पर खल रही है.
तिवारी ने अंग्रेजी वेबसाइट इंडिया टुडे को दिए एक खास इंटरव्यू में कहा, ‘ऐसा लगता है कि टीम में भरोसे और समझ की कमी है. मोहम्मद शमी ने बंगाल के लिए लगातार विकेट लिए हैं. लेकिन उन्हें ऑस्ट्रेलिया में टेस्ट और वनडे के लिए नहीं चुना गया.’
इससे पहले चीफ सिलेक्टर अजित अगरकर ने वेस्टइंडीज के खिलाफ टेस्ट सीरीज के लिए टीम का ऐलान करते समय कहा था कि पैनल को शमी की फिटनेस को लेकर कोई पक्की जानकारी नहीं है. उन्होंने कहा था, ‘मेरे पास कोई अपडेट नहीं है. वह दलीप ट्रॉफी मे खेले लेकिन बीते दो-तीन साल में उन्होंने काफी क्रिकेट नहीं खेला है. हम जानते हैं कि एक खिलाड़ी के तौर पर वह क्या कर सकते हैं लेकिन उसके लिए उन्हें क्रिकेट खेलना होगा.’
तिवारी हालांकि उनकी बात से सहमत नहीं हैं. उनका कहना है कि यह ट्रेनर्स, फिजियो और मैनेजमेंट की जिम्मेदारी है कि वह सिलेक्टर्स को इस बारे में अपडेट रखें. उन्होंने जोर देकर यह भी कहा कि शमी के कद का खिलाड़ी इस बात का हकदार है कि उससे संवाद किया जाए. बजाय इसके कि उन्हें इस मामले में अंधेरे में रखा जाए.
तिवारी ने कहा, ‘सिलेक्टर्स कहते हैं कि उन्हें शमी की फिटनेस को लेकर कोई अपडेट नहीं है. लेकिन यह किसका काम है? ट्रेनर्स और फिजियो को अपडेट देना चाहिए. कम-से-कम फोन उठाओ और प्लेयर से पूछ लो.’ वह इस बात को लेकर खासा जोर दे रहे थे कि शमी की वरिष्ठता का ख्याल रखा जाना चाहिए. उन्होंने कहा, ‘वह एक सीनियर खिलाड़ी हैं, जिन्होंने इतने बरसों तक योगदान दिया है. आप कम-से-कम उन्हें फोन तो कर सकते हैं. यह कोच और सिलेक्शन कमिटी की जिम्मेदारी है.’
शमी घरेलू क्रिकेट में बंगाल के लिए रणजी ट्रॉफी में खेल रहे हैं. लेकिन उनके इंटरनेशनल करियर पर अभी संदेह है. अभी यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या इस पेसर को निकट भविष्य में भारतीय टीम के लिए चुना जाता है या नहीं.
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