Mohammed Shami: India have become accustomed to pollution
मोहम्मद शमी © PTI

फिरोजशाह कोटला मैदान पर खेले जा रहे भारत बनाम श्रीलंका मैच के दौरान प्रदूषण बड़ा मुद्दा बनता जा रहा है। जहां एक तरफ श्रीलंकाई टीम मैनेजमेंट इसे बड़ी परेशानी बता रहा है, वहीं भारतीय तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी का कहना है कि चीजें उतनी खराब नहीं थी जितनी दिखाने की कोशिश की गई। तीसरे दिन का खेल खत्म होने के बाद मीडिया से बात करते हुए शमी ने कहा, “मेरी तबीयत पहले से खराब थी। मुझे सर्दी थी। प्रदूषण बेशक दिक्कत वाली बात है लेकिन जितना दिखाया जा रहा था ये उतना ज्यादा भी नहीं था। हो सकता है कि हम इसके आदी हैं, इसलिए इस चीज को बर्दाश्त करते आए हैं। मेरा मानना है कि प्रदूषण जितना कम हो सके उतना बेहतर होगा। हम लोगों को दिक्कत झेलने की आदत हो गई है।”

दक्षिण अफ्रीका दौरे की तैयारी के लिए पिच में बदलाव करने के बारे में बात करते हुए शमी ने कहा, “जहां तक विकेटों का सवाल है तो यहां जिस तरह की विकेट तैयार हो रही थी और हम जैसी तैयारी करना चाह रहे थे, आपने देखा कि पिछले दो मैचों में उस तरह की विकेट नहीं मिली है। जैसी हमारी सोच थी हमें वैसा विकेट नहीं मिला। लेकिन हमें गेंदबाजी पर कड़ी मेहनत करने और अच्छा अभ्यास करने का मौका मिला। हमें लंबे स्पेल डालने को मिले। हमारी फिटनेस की परीक्षा हुई और जहां तक गेंदबाजी का सवाल है तो उनका प्रयास देखिये, उनका फील्डिंग देखिये। हमने 100 ओवर से अधिक फील्डिंग की जो दिखाता है कि हम फील्डिंग टीम के रूप में कैसा प्रयास कर रहे हैं।”

कैच छूटना खेल का हिस्सा

द.अफ्रीका दौरा- टेस्ट सीरीज के लिए टीम इंडिया का ऐलान, जसप्रीत बुमराह, पार्थिव पटेल शामिल
द.अफ्रीका दौरा- टेस्ट सीरीज के लिए टीम इंडिया का ऐलान, जसप्रीत बुमराह, पार्थिव पटेल शामिल

दिल्ली टेस्ट के दौरान दोनों टीमों की ओर से काफी सारे कैच छोड़े गए हैं। कप्तान विराट कोहली, शिखर धवन और रोहित शर्मा जैसे खिलाड़ियों ने कैच छोड़े जो दक्षिण अफ्रीका दौरे से पहले टीम के लिए चिंता का कारण है। इस बारे में बात करते हुए शमी ने कहा, “कैच छूटना खेल का हिस्सा है। ऐसा नहीं है कि वे मशीन हैं जो अपने आप कैच पकड़ लेंगे लेकिन जहां तक कैच छूटने का सवाल है, गुस्सा तो आता है एक दूसरे के ऊपर लेकिन एक इकाई के रूप में हम इसकी जितनी अनदेखी करेंगे उतना अच्छा होगा। टीम के लिए भी बेहतर होगा।”

लंबे स्पेल डालने का मौका मिला

अब तक 74 रन देकर दो विकेट चटकाने वाले शमी ने कहा, “तेज गेंदबाज होने के कारण हमें गेंदबाजी डालने का मौका कम मिलता है, विशेषकर भारत में। ऐसा बहुत कम देखने को मिलता है कि तेज गेंदबाज लंबा स्पैल डालें। हमें ज्यादा ओवर डालने को मिल रहे हैं। पहले हमें 12 या 14 ओवर ही डालने को मिलते थे। पिछल एक-डेढ़ साल में आपने देखा होगा कि हमें 20-25 ओवर डालने को मिल रहे हैं। इसमें आपको अपना कौशल दिखाने का मौका मिलता है। जब जितनी अधिक गेंदबाजी करेंगे उससे उतना ही अधिक सुधार होगा।”

कोटली की पिच पर गेंद रिवर्स नहीं हो रही

तीसरे दिन श्रीलंका के पूरे दस विकेट ना ले पाने के सवाल पर शमी ने कहा, “गेंद रिवर्स तो नहीं हो रही थी लेकिन रुककर आ रही थी। जहां तक सवाल रिवर्स का है तो यह देखने को नहीं मिली। क्योंकि जिस गति से हम गेंदबाजी कर रहे थे अगर गेंद रिवर्स करती तो हम सौ प्रतिशत आज ही उनकी पारी खत्म कर देते। गेंद रूककर आ रही थी लेकिन उम्मीद के मुताबिक विकेट से मदद नहीं मिली।”

गेंदबाजों को फील्डिंग में दखल नहीं देना चाहिए

कई दिग्गजों का कहना है कि फील्डिंग लगाने के लिए गेंदबाजों से भी राय ली जानी चाहिए लेकिन शमी का ऐसा मानना नहीं है। शमी ने कहा, “मेरे हिसाब से गेंदबाजों को इस चीज से जितना दूर रखा जाए बेहतर होगा क्योंकि आपको गेंदबाजी भी करनी है। अगर आप चोटिल हो जाते हैं या आपकी अंगुली में लग जाती है तो टीम को नुकसान हो सकता है। मुझे लगता है कि कोच की नजर में जो बेहतर होते हैं उन्हें वहां रखा जाता है। लंबे समय के बाद आपने हमारी टीम को इतने कैच छोड़ते देखा होगा। इसकी जितनी अनदेखी करेंगे और सुधार करने की कोशिश करेंगे उतना बेहतर होग। शमी का कहना है कि टीम इंडिया ड्रॉ के लिए नहीं बल्कि अंतिम समय तक जीतने की कोशिश करेगी।