22 नवंबर से शुरू हो रहे भारत के पहले डे-नाइट टेस्‍ट मैच को लेकर खिलाड़ियों और फैन्‍स में अलग तरह का उत्‍साह है। भारतीय टीम के तेज गेंदबाज मोहम्‍मद शमी का कहना है कि डे-नाइट टेस्‍ट मैचों के लिए बनी पिंक गेंद तभी प्रभावी होगी जब मैदान पर घास हो।

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मोहम्‍मद शमी ने कहा, “पिंक गेंद से बीच का सेशन सबसे महत्वपूर्ण होने वाला है। बीच के सेशन में ईडन गार्डन पर अधिक स्विंग मिलेगी जबकि इसके विपरीत किसी भी सामानय टेस्‍ट मैच में सुबह का समय अधिक महत्वपूर्ण माना जाता है।’’

मोहम्‍मद शमी ने साफ किया कि पिंक गेंद से फायदा उठाने के लिए गेंदबाजों को कड़ी मेहनत करनी होगी। ‘‘गुलाबी गेंद तभी उपयोगी होती है जब विकेट कड़ा हो और उस पर घास मौजूदा हो। गुलाबी गेंद अलग तरह की गेंद है और यह बिलकुल भी सफेद या लाल गेंद की तरह काम नहीं करती। लिहाजा इस बात की संभावना बेहद कम है कि अंतिम सेशन में स्विंग या रिवर्स स्विंग मिलेगी। हमें कड़ी मेहनत करनी होगी।’’

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शमी से साथी ऑफ स्पिनर रविचंद्रन अश्विन ने कहा कि डे-नाइट टेस्‍ट मैच खेल के सबसे लंबे प्रारूप में एक नई शुरुआत है क्‍योंकि मैच के समय के कारण दर्शकों की संख्या में काफी सुधार होगा। अश्विन ने कहा, ‘‘ समय में बदलाव के कारण फैन्‍स अपना काम खत्म करने के बाद मैच देखने आ सकेंगे और इसका लुत्फ उठा सकते हैं।’’