Mominul Haque on Christchurch shooting incident: We were crying just being afraid
Bangladesh (CA/Twitter)

शुक्रवार को क्राइस्टचर्च में हुए आतंकी हमले में बाल बाल बची बांग्लादेशी क्रिकेट टीम अब भी उस भयावह मंजर को भुला नहीं पा रही है। बांग्लादेशी क्रिकेटर मोमिनुल हक ने क्रिकबज से बातचीत में बताया कि खिलाड़ी हादसे के वक्त इतने डरे हुए थे कि वो रो रहे थे।

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इस बांग्लादेशी क्रिकेटर ने बताया कि कैसे नमाज के पहले लंच करने के एक फैसले ने टीम को फायरिंग का शिकार होने से बचा लिया। मोमिनुल ने कहा, “कल रियाद (महमूदुल्लाह) भाई ने पूछा कि क्या हम नमाज से पहले लंच करेंगे या वापस आकर। उस समय हमने फैसला किया कि चूंकि जुम्ने की नमाज के बाद अभ्यास सेशन है तो हम मस्जिद से वापस आकर ही लंच करेंगे। लेकिन किसी तरह से हमारा प्लान बदल गया और हम लंच करने के बाद मस्जिद पहुंचे और शायद इसी वजह से हम बच गए।”

बांग्लादेशी क्रिकेट टीम की बस फायरिंग शुरू होने के बाद अल नूर मस्जिद पहुंची और वहां मौजूद एक महिला की चेतावनी के बाद खिलाड़ियों ने वापस जाना ही बेहतर समझा।

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मोमिनुल ने कहा, “मैं बता नहीं सकता हूं कि हम उस समय कितने ज्यादा डरे हुए थे। मैं कल्पना भी नहीं कर सकता हूं कि अपनी आंखो के सामने इस तरह की भयावह घटना होते देखने के लिए कितनी हिम्मत चाहिए। हम डर की वजह से रो रहे थे। हम केवल उस कार वाली महिला की वजह से जिंदा है जिसने हमसे कहा कि हम आगे कहीं ना जाय।”

उन्होंने आगे कहा, “पहले जब वो महिला हमारे पास आई को चेतावनी देने लगी तो हमें लगा कि वो बीमार है क्योंकि हमें कभी नहीं लगा था कि ऐसा कुछ न्यूजीलैंड में हो सकता है लेकिन जब उस महिला ने कार की खिड़की से हमें बताया कि उसकी कार पर भी गोली लगी है, हमें समझ आया कि हम मुश्किल में हैं।”