इंग्लैंड के पूर्व स्पिन गेंदबाज मोंटी पनेसर ने अपने जमाने के सर्वश्रेष्ठ बल्लेबाज का चयन किया है. पनेसर ने दिग्गज सचिन तेंदुलकर, कुमार संगकारा, राहुल द्रविड़ और माहेला जयवर्धने जैसे  महान खिलाड़ियों के खिलाफ गेंदबाजी की है. उन्होंने तेंदुलकर को 11 टेस्ट में 4 बार पवेलियन भेजा है. बावजूद इसके पनेसर ने तेंदुलकर को अपने दौर का सर्वश्रेष्ठ बल्लेबाज बताया है.

सहवाग को बताया आक्रामक बल्लेबाज

इंग्लैंड की ओर से 50 टेस्ट मैच खेल चुके पनेसर ने कहा कि वीरेंद्र सहवाग उस दौर के सबसे आक्रामक बल्लेबाज थे और राहुल द्रविड़ ‘दीवार’ की तरह थे लेकिन हालात के अनुरूप ढलने की कला तेंदुलकर को सर्वश्रेष्ठ बनाती है. पनेसर ने नागपुर में 2006 में अपने पहले मैच में तेंदुलकर को आउट किया था .

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उन्होंने ब्रिटेन से पीटीआई से कहा, ‘सचिन जब भी टिक जाते तो बड़ी पारी खेलते लेकिन हर बल्लेबाज की तरह उनकी भी कमजोरी थी. क्रीज पर जमने के बाद हालांकि वह अलग ही रंग में आ जाते थे. सचिन को आउट करना कठिन होता था. आपको पता नहीं चलता था कि वह किस गेंद पर कौन सा शॉट खेलेंगे.’

‘द्रविड़ दीवार की तरह थे ‘

पनेसर ने कहा, ‘द्रविड़ भी महान बल्लेबाज थे इसीलिए उन्हें दीवार भी कहते हैं. वह बल्लेबाजी करते थे तो लगता था कि उनका बल्ला दूसरों से चौड़ा है क्योंकि वह इतनी देर टिककर खेल जाते थे. सहवाग अपने समय के सबसे विध्वंसक बल्लेबाज थे.’

‘सचिन, द्रविड़, लक्ष्मण हम सभी के लिए रोलमॉडल थे’

युवराज सिंह ने हाल ही में कहा कि मौजूदा भारतीय टीम में विराट कोहली और रोहित शर्मा को छोड़कर कोई ‘रोलमॉडल’ नहीं है और पनेसर ने इस पर सहमति जताई.

बकौल पनेसर ,‘सचिन, द्रविड़, लक्ष्मण हम सभी के लिए रोलमॉडल थे. उनसे हम सीखते थे कि मैदान के भीतर और बाहर कैसे रहना है. सचिन से एक इंसान के तौर पर भी मैने बहुत कुछ सीखा. उनके परिवार ने उन्हें काफी अच्छे संस्कार दिए.’

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पनेसर ने संगकारा और जयवर्धने को स्पिन गेंदबाजी खेलने के महारथी बल्लेबाज बताया. कोरोना वायरस महामारी के कारण लुटोन में अपने घर में बंद पनेसर ने चैरिटी के लिए धन जुटाने की ऑनलाइन मुहिम शुरू की है.

कोविड-19 वैश्विक महामारी से पूरी दुनिया में अब तक डेढ़ लाख से अधिक लोगों की मौत हो गई है जबकि इससे संक्रमितों की संख्या 20 लाख के आंकड़े को पार कर गई है.