भारतीय टीम में नंबर-4 की समस्‍या के लिए स्‍थाई समाधान के रूप में उभर कर सामने आए श्रेयस अय्यर (Shreyas Iyer)  ने बताया कि कैसे बचपन में पीजा-बर्गर ने उन्हें शतक व अर्धशतक लगाने के लिए प्रेरित किया. श्रेयस अय्यर आईपीएल की दिल्‍ली फ्रेंचाइजी के कप्‍तान हैं. उन्‍होंने हाल ही में दिए गए इंटरव्‍यू के दौरान बताया कि बचपन में मां उनके क्रिकेट करियर को बढ़ावा देने में काफी समर्थन करती थी.

अय्यर ने बताया, “जब भी मैं मैच में अर्धशतक लगाकर आता तो मां घर में मेरा बर्गर के साथ स्‍वागत करती थी. इसी तरह शतक लगाने पर मेरा स्‍वागत पीजा के साथ किया जाता था.”

अय्यर ने बताया कि करियर को आगे बढ़ाने में ऐसी छोटी-छोटी चीजों ने उनकी काफी मदद की. न्‍यूजीलैंड दौरे पर अय्यर ने पांच टी20 मैचों में 51 की औसत से 153 रन बनाए थे. न्‍यूजीलैंड के खिलाफ वनडे सीरीज के दौरान भी अय्यर ने भारत की तरफ से 72 की औसत से सर्वाधिक 217 रन बनाए थे.

…इस तरह हुई राहुल द्रविड़ से पहली मुलाकात

राहुल द्रविड़ (Rahul Dravid) से पहली मुलाकात के किस्‍से के बारे में भी श्रेयस अय्यर (Shreyas Iyer) ने बात की. उन्‍होंने कहा, “यह एक चार दिवसीय मैच के पहले दिन के खेल की बात है. मैं करीब 30 रन पर खेल रहा था. हर किसी को लग रहा था कि यह आखिरी ओवर है. मैं इसे सावधानी से खेलते हुए निपटा दूंगा. द्रविड़ सर वहीं बैठे हुए थे.”

“गेंदबाज ने बेहद आसान गेंद डाली और मैंने आगे बढ़कर छक्‍का लगा दिया. ड्रेसिंग रूप में जो भी बैठा था वो बाहर आकर मुझे देखने लगा. सब यह जानना चाहते थे कि किसने आखिरी ओवर को इस तरह से खेला है.”