मां ने गहने बेचकर दिलाई थी क्रिकेट किट, रिटर्न गिफ्ट में वर्ल्ड कप देना चाहती हैं भारतीय गेंदबाज

भारतीय तेज गेंदबाज ने कहा, जिस समय कई लड़कियों को घर से बाहर निकलने की भी अनुमति नहीं थी, मेरे परिवार ने मुझे कभी महसूस नहीं होने दिया कि मैं कुछ गलत कर रही हूं.

Edited By : Akhilesh Tripathi |Jun 23, 2026, 02:23 PM IST

Published On Jun 23, 2026, 02:23 PM IST

Last UpdatedJun 23, 2026, 02:23 PM IST

Kranti Gaud

Kranti Gaud

भारतीय टीम की तेज गेंदबाज क्रांति गौड़ टी-20 वर्ल्ड कप में भारतीय टीम का हिस्सा हैं. मध्यप्रदेश के एक छोटे से गांव की रहने वाली गौड़ ने काफी मेहनत के बाद भारतीय टीम में अपनी जगह पक्की की है. छतरपुर जिले के छोटे से गांव घुवारा से वर्ल्ड कप तक का सफर संघर्षों भरा रहा है. भारतीय महिला क्रिकेट टीम की नियमित सदस्य बनने के बावजूद तेज गेंदबाज क्रांति गौड़ अपनी जड़ें और माता पिता के बलिदान नहीं भूली है और वह टी20 विश्व कप में शानदार प्रदर्शन करके उनके भरोसे पर खरी उतरना चाहती है.

मध्यप्रदेश के एक छोटे से गांव की रहने वाली गौड़ ने बताया कि एक क्रिकेट किट खरीदने के लिये उनकी मां ने अपने गहने बेच दिये थे. गौड़ ने जियोस्टार से कहा, अगर आपका परिवार आपके साथ है तो दूसरे क्या कहते हैं, यह मायने नहीं रखता, ये बाहरी लोग आपकी मदद नहीं करते, मैं अपने परिवार की शुक्रगुजार हूं जो हर कदम पर मेरे साथ रहा क्योंकि समस्यायें बहुत थी, हमेशा पैसे की तंगी रहती थी.

Add Cricket Country as a Preferred Source add cricketcountry as a preferred source

मैं उन्हें कुछ वापस देना चाहती हूं: क्रांति गौड़

उन्होंने कहा, मुझे एक क्रिकेट किट दिलाने के लिये मेरी मां ने गहने बेच दिये थे, वह बहुत बड़ा बलिदान था, मेरा परिवार मेरे लिये काफी कुछ कर रहा था जिसने मुझे जिम्मेदारी का अहसास कराया, मैं उन्हें कुछ वापस देना चाहती हूं, मैं चाहती हूं कि उनके हर बलिदान का फल मिले.

मेरा परिवार हमेशा मेरे साथ खड़ा रहा: गौड़

गौड़ ने कहा, जिस समय कई लड़कियों को घर से बाहर निकलने की भी अनुमति नहीं थी, मेरे परिवार ने मुझे कभी महसूस नहीं होने दिया कि मैं कुछ गलत कर रही हूं, उन्होंने मेरे सपनों पर भरोसा किया. उन्होंने कहा, इससे मुझे लगातार अच्छा खेलने और लक्ष्य हासिल करने की ताकत मिली, जब परिवार आपके साथ होता है तो बाहरी दुनिया को अनदेखा करना आसान हो जाता है. गौड़ की कामयाबी के बाद अब उनके गांव में क्रिकेट अकादमी खुल गई है और लड़कियां खेलों में कैरियर बना रही हैं.

इनपुट- भाषा

Editor's Pick