Ms dhoni a mental conditioning coach with the team at all times 4022359
महेंद्र सिंह धोनी (IANS)

पूर्व भारतीय कप्तान महेंद्र सिंह धोनी (MS Dhoni) को लगता है कि टीम इंडिया (Team India) के खिलाड़ी आज भी मानसिक स्वास्थय से जुड़ी परेशानियों को लेकर मदद मांगने से कतराते हैं, ऐसे में एक मेंटल कंडीशनिंग कोच का हर समय टीम के साथ रहना जरूरी है।

पूर्व कप्तान धोनी ने MFORE द्वारा आयोजित सेशन में अलग अलग खेलों के शीर्ष कोचों के साथ अपने अनुभव साझा करते हुए कहा, “मुझे लगता है कि भारत में अब भी मानसिक स्वास्थ्य में कमजोरी को स्वीकार करना अब भी बड़ा मुद्दा है लेकिन हम अक्सर इसे मानसिक बीमारी कह देते हैं।”

उन्होंने कहा, “कोई भी ये नहीं कहता है, जब मुझे बल्लेबाजी मिलती है तो पहली 5-10 गेंदो पर मेरे दिल की धड़कर बढ़ जाती है, मुझे दबाव महसूस होता, मुझे थोड़ा डर लगता है क्योंकि हर कोई ऐसा महसूस करता है- इससे कैसे निपटा जाय? ये छोटी समस्या है लेकिन कई बार हम कोच से बात कहने में हिचकिचाते हैं और इसी वजह से खेल में किसी खिलाड़ी और कोच के बीच का संबंध बेहद अहम है।”

दबाव भरी स्थिति में शांत रहने की अपनी क्षमता के लिए मशहूर धोनी ने सुझाव दिया कि हर टीम में एक स्थाई मेंटल कंडीशनिंग कोच होना चाहिए।

उन्होंने कहा, “मेंटल कंडीशनिंग कोच, ऐसा नहीं होना चाहिए जो केवल 15 दिन के लिए आए क्योंकि जब आप केवल 15 दिन के लिए आते हैं तो आप सिर्फ अनुभव साझा कर पाते हैं। अगर मेंटल कंडीशनिंग कोच हर समय टीम के साथ रहेगा, वो समझ सकेगा कि कौन से चीजें उसके खेल को प्रभावित कर रही हैं।”

मौजूदा कप्तान विराट कोहली (Virat Kohli) ने भी धोनी की बात से सहमति जताते हुए कहा, “मुझे लगता है मानसिक स्वास्थ्य और स्पष्ता ना केवल खेल बल्कि जिंदगी में भी काफी अहम है।”