माइकल हसी © Getty Images
माइकल हसी © Getty Images

ऑस्ट्रलियाई दौरे पर टीम इंडिया को मिली लगातार हार के बाद भारतीय वनडे कप्तान महेंद्र सिंह धोनी की कप्तानी पर सवाल उठने लगा हैं। ऑस्ट्रेलिया और भारत के बीच खेले गए 4 वनडे मैच कैनबरा  में धोनी शून्य पर आउट हो गए थे और मैच के तुरंत बाद धोनी ने टीम इंडिया की हार की जिम्मेदारी भी अपने सिर पर ले लिया था। जिसके बाद उनके कप्तानी पर सवाल उठने लगे हैं लेकिन इस बीच मिस्टर क्रिकेट माइकल हसी धोनी की जमकर तरफदारी कर रहे हैं और उनके समर्थन में दिखे। ऑस्ट्रेलियाई दिग्गज माइकल हसी ने 79 टेस्ट में 19 शतक और 51.52 औसत से व 185 वनडे में 48.15 औसत और 3 शतक बनाए हैं। हसी मानते हैं कि टीम इंडिया की कप्तानी के लिए अब भी धोनी से बेहतर कोई नहीं। ये भी पढ़ें: अंडर-19 विश्व कप युवा खिलाड़ियों के सिखने का बेहतरीन मंच: ग्रेम स्मिथ 

जीत के बेहद नजदीक पहुंचकर भी टीम इंडिया अपना चौथा मैच जीत नहीं पाई। धोनी ने कहा कि उनका रोल मैच को फ़िनिश करना है। इसलिए वो अपने विकेट को मैच का टर्निंग प्वाइंट मानते हैं। माइकल हसी कहते हैं, “मैं धोनी की कप्तानी के पक्ष में हूं। वो इन हालात से निपटने के लिए बेहतरीन हैं। लोग भूल जाते हैं कि हर बार 30 गेंदों पर 60 रन बनाना आसान नहीं है।” ये भी पढ़ें: अंडर-19 विश्व कप सीनियर टीम में जाने का सुनहरा अवसर: राहुल द्रविड़

हसी कहते हैं कि गेंदबाज़ अच्छे हैं और पहले से स्मार्ट हो गए हैं। वो धोनी की ताक़त को समझते हैं। इसलिए चीज़ें पहले की तरह नहीं होंगी। वो ये भी कहते हैं कि वो चाहेंगे कि धोनी जब तक महसूस करते हैं कि उन्हें टीम की कप्तानी करनी चाहिए, कप्तान धोनी को ही होना चाहिए। ये भी पढ़ें: 10 मौके जब ताश के पत्तों की तरह ढह गई भारतीय बल्लेबाजी

हसी ने कहा भारतीय टीम ने अपने सभी मैच में अच्छी क्रिकेट खेली है और अच्छा प्रदर्शन किया है। आप चार मैचों में उनका प्रदर्शन देखें। वो चारों ही बार 300 और उसके आस पास रन बना रहे हैं। ऑस्ट्रेलिया में ऐसा प्रदर्शन करना आसान नहीं है।” हसी ये भी मानते हैं कि टीम इंडिया के पास ऑस्ट्रेलिया को हराने के अच्छे अवसर थे और अगर मेहमान टीम ऐसा ही प्रदर्शन करती रही तो ऑस्ट्रेलिया को हरा भी सकती है।

हसी ने टीम इंडिया के गेंदबाज़ों की भी तारीफ़ की है। हसी कहते हैं, “मैं भारतीय गेंदबाज़ों को अच्छा रेट करता हूं।  ईशांत शर्मा और उमेश यादव अच्छे गेंदबाज हैं। वो कहते हैं कि आप पहले ऑस्ट्रलिया आ चुके हों फिर भी ऑस्ट्रेलियाई हालात में खुद को ढालने में समय लगता है।” हसी कहते हैं, “भारत के साथ पिछले साल भी ऐसा ही हुआ और उसके बाद उन्होंने वर्ल्ड कप में अच्छा प्रदर्शन किया।”