एमएस धोनी © PTI
एमएस धोनी © PTI

टीम इंडिया को राजकोट टी20 में न्यूजीलैंड के हाथों 40 रनों से हार का सामना करना पड़ा। टीम इंडिया की इस हार का कारण एमएस धोनी की धीमी बल्लेबाजी को माना जा रहा है। भले ही एमएस धोनी आखिर में 37 गेंदों में 49 रन बनाकर आउट हुए। लेकिन असल में धोनी ने टीम इंडिया की हार की इबारत लिखी। जब धोनी बैटिंग करने आए थे तब टीम इंडिया का स्कोर 9.1 ओवरों में 67/4 था। अब यहां से टीम इंडिया को 65 गेंदों में जीतने के लिए 130 रन चाहिए थे यानि रिक्वायर रन रेट पूरे 12 का चाहिए था। ऐसी विपरीत परिस्थिति में धोनी सिंगल लेते रहे, उन्होंने अगले चार ओवरों तक कोई चौका भी नहीं लगाया। हां, कोहली ने जरूर प्रयास जारी रखा। लेकिन उन्हें दूसरे छोर से वह सहयोग नहीं मिला जिसकी उन्हें उस वक्त दरकार थी। ऐसे में लगा कि कोहली इस लड़ाई में अकेले पड़े गए हैं।

टीम इंडिया का स्कोर 97/3, 13 ओवरों में हो चला था और आखिरी 42 गेंदों में 100 रन बनाने थे। रिक्वायर रन रेट अब 14 से ऊपर का था। तब जाकर धोनी ने ईश सोढ़ी की गेंद पर एक छक्का मारा लेकिन इस छक्के को जड़ने के बाद चार गेंदें डॉट खेल गए। इस तरह से अब रिक्वायर रन रेट 15 से ऊपर का पहुंच गया। कोहली इस दबाव को झेल नहीं पाए और दो ओवरों के बाद अपना विकेट गंवा बैठे। कोहली ने 42 गेंदों में 65 रन बनाए। धोनी मैच के 20वें ओवर की दूसरी गेंद पर आउट हुए। उन्होंने 37 गेंदो में 49 रन 2 चौकों और 3 छक्कों की मदद से जरूर बनाए लेकिन तबतक उन्होंने मैच गंवा दिया था।

एमएस धोनी और मेरे बीच फूट डालने की कोशिश करते हैं लोग: विराट कोहली
एमएस धोनी और मेरे बीच फूट डालने की कोशिश करते हैं लोग: विराट कोहली

धोनी की इस तरह की बल्लेबाजी पर हरभजन सिंह ने टिप्पणी की है। उन्होंने स्पोर्ट्स तक से बातचीत में कहा, “धोनी का बैटिंग करने का जो अंदाज है, अब वो अंदाज नहीं है कि वे जब चाह लें, तो छक्का मार दें। ईश सोढ़ी के ओवर में छक्का मारने के बाद धोनी सिंगल लेने की कोशिश कर रहे थे, जब सिंगल नहीं मिल रहा था तो बड़ा हिट मारने की कोशिश करनी चाहिए थी। क्योंकि बड़ा हिट मारना उनकी ताकत है। ऐसे में अगर आप सिंगल लेने जाते हो, जो आपकी ताकत नहीं है तो चीजें आपके पक्ष में नहीं जाएंगी। विराट को उन 10-12 गेंदों में स्ट्राइक नहीं मिली। इसके चलते किसी भी बल्लेबाज की लय टूटेगी। ऐसे में विराट का दबाव में आकर आउट होना लाजिमी था। धोनी ने 28 गेंदों में 28 रन बनाए थे, जो टीम इंडिया के लिए भारी पड़ गया। कोहली के आउट होने के बाद उन्होंने हाथ भी दिखाए लेकिन तबतक मैच खत्म हो चुका था।”